चालक बस सहित भाग निकला। साथी की मौत से आक्रोशित कांवड़ यात्रियों ने अपने ट्रैक्टर ट्रॉली को पुल पर तिरछा खड़ा कर दिया। कांवड़ों को पुल पर रखकर चक्का जाम कर दिया। शव को भी हाईवे पर रख दिया गया। जानकारी पाकर गांव से तमाम महिलाएं और पुरुष डंडे आदि लेकर मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस को शव नहीं उठाने दिया गया। कांवड़ यात्री मांग करने लगे कि रोडवेज बस और चालक को उनके सामने लाया जाए।
जानकारी पाकर एसडीएम संजय पांडे, सीओ पंकज पंत, नायब तहसीलदार सहित कई थानों की फोर्स को मौके पर पहुंची। काफी समझाने के बाद भी सर्वेश के परिजनों और कांवड़ियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। एसडीएम, सीओ के समझाने पर दोपहर लगभग दो बजे पुलिस ने शव को मौके से हटवाकर सीएचसी और वहां से पोस्टमार्टम को भिजवाया।
ढाई बजे शुरू हो सका यातायात
एसडीएम ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत भी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। करीब ढाई बजे यातायात सुचारू हो सका। सर्वेश की मौत से पिता बालकराम, मां विद्यावती, पत्नी आरती देवी, पुत्र काव्य, पुत्री अंजली और नंदनी का रो-रोकर बुरा हाल था। सीओ पंकज पंत ने बताया कि बस को पकड़ लिया गया है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
हाईवे पर चार किमी लंबा लगा जाम
सर्वेश का शव हाईवे पर रखकर जाम लगाने से कुछ ही देर वाहनों की लाइन लग गई। पुल के पश्चिमी छोर पर शाहजहांपुर और पूर्वी छोर से लखीमपुर की सीमा शुरू होती है। जाम की सूचना पर मैलानी के थाना प्रभारी राकेश सिंह भी मौके पर पहुंचे और मैलानी, भीरा, पलिया जाने वाले वाहनों को गांव सुआबोझ के रास्ते से निकाला। चार किमी लंबे जाम में फंसने से वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।