श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने केलिए प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई कामधेनु और मिनी कामधेनु योजना के लाभार्थियों का लक्ष्य शासन ने बढ़ा दिया है। दोनों योजनाओं के तहत 13 अतिरिक्त लाभार्थियों का चयन किया जाएगा, लेकिन वरीयता उन्हीं को मिलेगी जो योजना के संबंध में शासन से निर्धारित मानकों की कसौटी पर खरे उतरेंगे।
डेयरी उद्योग को विस्तार देने के लिए शासन ने जिले को कामधेनु योजना के तहत पांच और मिनी कामधेनु योजना केलिए 30 लाभार्थियों का लक्ष्य तय किया था। दोनों योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति भी कर ली गई। अब शासन ने कामधेनु के तीन और मिनी कामधेनु के दस अतिरिक्त लाभार्थी चयनित करने का आदेश दिया है। सीवीओ डॉ. इंद्रमणि ने लाभार्थी लक्ष्य बढ़ाए जाने की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि इन योजनाओं का लाभ उन्हीं को मिलेगा जो बेहतर माली हैसियत वाले होंगे।
सीवीओ ने बताया कि 1.20 करोड़ की कामधेनु योजना में लाभार्थियों को 30 लाख रुपये अंशदान करना होगा। शेष 90 लाख रुपये लोन के समतुल्य संपत्ति का प्रमाण देना होगा। साथ ही दुधारू पशुओं के चारा उत्पादन को दो एकड़ बंधक मुक्त जमीन होनी अनिवार्य है। इसी तरह 52 लाख रुपये के बजट वाली मिनी कामधेनु स्कीम के लिए एक एकड़ गैर विवादित जमीन के साथ लाभार्थियों को 13 लख रुपये पास से लगाने के साथ 39 लाख रुपये क हैसियत प्रमाण पत्र देना होगा। आवेदन सीवीओ कार्यालय से लेकर 20 फरवरी तक जमा करने अनिवार्य हैं।
अनूप