शाहजहांपुर। तीन जुलाई को शाहजहांपुर को नया जिला पंचायत अध्यक्ष मिल जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 26 जून से नामांकन शुरू होंगे जबकि तीन जुलाई को मतदान और मतगणना के साथ ही विजेता की घोषणा हो जाएगी। भाजपा, सपा और बसपा ने अपनी तैयारियों की गति तेज कर दी है।
सत्ताधारी दल होने के बावजूद जिला पंचायत के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन खास नहीं रहा था। उसे महज 12 सीटें हासिल हुईं थीं। वहीं दूसरे नंबर पर बसपा रही थी। उसके नौ समर्थित सदस्य जिला पंचायत सदस्य बने थे। वहीं सपा सात जबकि कांग्रेस एक सीट जीत सकी थी। भाजपा खराब प्रदर्शन के बावजूद सबसे ज्यादा सीट जीतने में कामयाब रही थी। भाजपा का दावा है कि उसके पास 30 जिला पंचायत सदस्य हैं। वहीं सपा सात सीटों के साथ ही सात और जिला पंचायत सदस्यों के साथ आने का दावा कर रही है। हालांकि दोनों दलों के दावे में कितनी सच्चाई है, यह तीन जुलाई को सामने आ जाएगा। वहीं बसपा नौ सीटों पर काबिज होने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। अभी किसी दल ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के कारण भाजपा की जिला कार्यकारिणी की ओर से ममता यादव पत्नी निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह, गीता सिंह पत्नी बलवीर सिंह और मनोरमा सिंह पत्नी नवनीत सिंह बॉबी का नाम प्रदेश नेतृत्व को भेजा गया था। एक-दो दिन में इनमें से एक नाम पर पार्टी मुहर लगा देगी। भाजपा के प्रत्याशी की घोषणा के बाद सपा और बसपा अपना प्रत्याशी घोषित करेंगे।
यह है पार्टियों की स्थिति
कुल जिला पंचायत सदस्य-47, भाजपा-12, बसपा-9, सपा-7, महान दल-1, कांग्रेस-1, आम आदमी पार्टी-1, जदयू-1, निर्दलीय-15
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की घोषणा मंगलवार को हो चुकी है। अध्यक्ष पद के लिए हमारी पूरी तैयारी पहले से ही है। हमारे पास 30 जिला पंचायत सदस्य हैं। चुनाव में भाजपा का अध्यक्ष विजयी होगा।
-हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा शाहजहांपुर
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है। सपा एक दो दिन में अपना प्रत्याशी घोषित करेगी। जोकि सर्वसम्मति से होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष सपा का ही होगा। चुनाव को लेकर तैैयार हैं।
- तनवीर खां, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
सत्ता पक्ष का प्रत्याशी घोषित किए जाने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद रणनीति बनाकर आपसी सहमति से ही बसपा अपने प्रत्याशी को सामने लाएगी। देखने वाली बात यही है कि सत्ता पक्ष किसको प्रत्याशी बनाता है।
- जदुवीर गौतम, जिलाध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी