शाहजहांपुर। उप्र कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति की वर्चुअल बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुरूप कर्मचारियों और शिक्षकों की पांच सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और शिक्षकों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
बाद में उनका शिष्टमंडल सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार से मिला और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर उन सभी कर्मचारियों और शिक्षकों को कोरोना योद्धा मानते हुए उनके आश्रितों को पारिवारिक पेंशन लाभ दिए जाने की मांग की, जिनका कोविड संक्रमण से निधन हो गया अथवा जो संक्रमण से आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं।
समिति के समन्वयक अजय सिंह वर्मा और महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रतीक गुप्ता की ओर से दिए गए ज्ञापनों मेें कहा गया है कि जिन कर्मचारियों और शिक्षकों को संक्रमित होने के बावजूद अपने कर्तव्य पालन से पीछे नहीं हटने पर जान से हाथ धोना पड़ा, उनके आश्रितों को घोर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें तमाम ऐसे कर्मचारी और शिक्षक हैं, जिनकी नियुक्ति 2005 के बाद हुई है। ऐसे कर्मचारी और शिक्षक भले ही नियमित पेंशन के पात्र नहीं हों, लेकिन उनके आश्रितों को तत्काल पारिवारिक पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए।
ज्ञापन में कर्तव्य पालन के दौरान मौत का शिकार बने कर्मचारियों व शिक्षकों के उपचार पर व्यय हुई धनराशि का आश्रितों को भुगतान कराने, ऐसे परिवारों को न्यूनतम एक करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने, महामारी के दौरान ड्यूटी करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर मानते हुए अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने आदि मांगों का उल्लेख है। प्रदर्शन में भूप सिंह, प्रमोद अग्निहोत्री, राजेश्वर दयाल तिवारी, सर्वेश चंद्र गुप्ता, उमेश अवस्थी, श्रीकांत मिश्रा, भुवनेश सिंह चौहान, धर्मपाल वर्मा आदि शामिल रहे।