स्कूल संचालक नेता का फरमान, शिक्षक खुलकर बोलने को तैयार नहीं
प्रधानमंत्री की आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक ने काले धन को दबाए बैठे लोगों के होश उड़ा दिए हैं। हजार और पांच सौ के नोटों के रूप में भारी रकम छिपाए बैठे लोग अब इसे खपाने के लिए तमाम यत्न कर रहे हैं। चर्चा है कि एक नेता ने अपने स्कूल के शिक्षकों को ढाई-ढाई लाख रुपये देकर बैंक खातों में जमा कराने को कहा है, इससे शिक्षकों की नींद उड़ गई है।
बैंक खाते में ज्यादा रुपये जमा करने पर आयकर विभाग का चाबुक चलने, एक दिन में चार हजार रुपये ही बदले जाने और खाते से मात्र दस हजार रुपये की निकासी ने भारी रकम दबाए बैठे लोगों के होश गुम कर दिए हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कुछ नेताओं ने भी चुनावी खर्च के लिए बड़े नोटों के रूप में भारी रकम जमा कर रखी थी, लेकिन हजार और पांच सौ के नोट एकाएक बंद होने से ऐसे नेताओं की नींद उड़ी हुई है। क्षेत्र में एक चर्चा तेजी से फैल रही है कि एक नेता ने खुटार क्षेत्र में अपने स्कूल के शिक्षकों को ढाई-ढाई लाख रुपये थमा दिए। नेता ने शिक्षकों से कहा कि दी गई रकम को शिक्षक अपने खाते में जमा करा दें और बाद में यह राशि बैंक से निकालकर उन्हें वापस कर दें।
नेताजी के फरमान से शिक्षक परेशान हो उठे हैं। कई शिक्षक तो ऐसे हैं कि जिनके खाते में कभी 20 हजार रुपये की रकम भी नहीं रही। ऐसे में बड़ी रकम जमा होने पर उन्हें आयकर कार्रवाई का डर सता रहा है और रकम जमा नहीं करने पर नेताजी स्कूल से निकाल सकते हैं। इधर कुआं और उधर खाईं वाली स्थिति हो जाने से शिक्षकों की समझ नहीं आ रहा है कि वह क्या करें। शिक्षक इतने सहमे हुए हैं कि इसकी किसी से चर्चा करने से भी डर रहे हैं।
कोल्हू, क्रेशरों पर खपाए जा रहे नोट
पुवायां। क्षेत्र में गन्ना खरीदने वाले कई कोल्हू और क्रेशरों पर एक हजार और पांच सौ के नोट खपाए जा रहे हैं। एक क्रेशर पर तो किसानों को बंद किए गए नोट नहीं लेने पर गन्ने को वापस ले जाने को कहा जा रहा है। परेशान किसान एक हजार और पांच सौ का नोट लेने के बाद उन्हें बदलने के लिए लाइन में लगते हैं।
रविवार को कई बैंकों में खत्म हुए नोट
पुवायां। सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए रविवार को भी बैंक खोलने के निर्देश दिए थे। बैंक खुले भी लेकिन अधिकतर बैकों में सौ के नोट और नई करेंसी नहीं होने से लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। सुबह से ही लाइन में लगे लोगों को बिना रुपये के वापस लौटना पड़ा तो वह बेहद मायूस हुए। पुवायां में एसबीआई को एटीएम काम करता रहा। यहां लोगों की लंबी लाइन लगी रही।