पीड़ित किसान ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया। तब 14 अक्तूबर को दरोगा मौर्या ने उन्हें समाधान दिवस में थाने में बुलाया। आरोप है कि दरोगा ने उन्हें खालिस्तानी आतंकवादी बताते हुए अभद्रता की। उनकी पगड़ी उतारने और बेटों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
किसान संतोष सिंह ने बताया कि सीनियर सिटीजन होने के बाद भी उनके साथ अभद्रता की गई। एसपी ने उनकी बात को सुनने के बाद मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एसपी अशोक मीणा ने कहा कि सीओ पुवायां को जांच सौंपी है। 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। सीओ पंकज पंत ने कहा कि दरोगा वीके मौर्या के मामले का संज्ञान लिया गया। पीड़ित के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।