शाहजहांपुर के जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे गुलड़िया गांव में प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे का निर्माण भूमि अधिग्रहण में फंस गया है। कई जमीनों के मामले स्वामित्व के विवाद के बाद विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं। इनका अब तक निस्तारण नहीं हो सका है।
शाहजहांपुर हाईवे को उबरिया गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे क्रॉस कर रहा है। वहां फ्लाईओवर और कुछ दूर गांव कलक्टरगंज में एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज भी निर्माणाधीन है। इसके समीप ही गुलड़िया गांव में 102 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक गलियारा प्रस्तावित है। ढाई सौ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस गलियारे से लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके लिए विभिन्न गांवों के लोगों की जमीनों के बैनामा कराए जाने थे। प्रक्रिया शुरू होने के बाद से अब तक 94 हेक्टेयर जमीन के बैनामा सरकार के पक्ष में हो चुके हैं। शेष बची आठ हेक्टेयर जमीनों में ज्यादातर विवादित हैं।
इन जमीनों पर मालिकाना हक के लिए विभिन्न अदालतों में मुकदमे दायर किए गए हैं। कुछ ऐसी जमीनें हैं, जिनके मालिक अन्य राज्यों में रह रहे हैं। अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन का रकबा कम होने से लोगों को मुआवजा भी काफी कम मिल रहा है। इसलिए बाहर रह रहे लोग लगातार सूचना देने के बाद भी बैनामा करने नहीं आ रहे हैं। हालांकि, तहसीलदार पैगाम हैदर का दावा है कि औद्योगिक गलियारा के लिए बैनामा का 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
69.15 करोड़ रुपये का किया जा चुका है भुगतान
तहसीलदार के अनुसार, जिन भूमि मालिकों ने सरकार के पक्ष में जमीन के बैनामा किए हैं, उन्हें करीब 69.15 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों का 15 करोड़ रुपये का भुगतान प्रक्रिया में हैं। 697 किसानों से 270 बैनामा कराए जा चुके हैं। कई किसानों के बीच जमीनी विवाद मामूली स्तर के थे, इसलिए उन्हें प्राथमिकता से निस्तारित कराकर उनसे बैनामा कराए जा चुके हैं।