केंद्र सरकार की नोटबंदी के विरोध में विपक्षी दलों के भारत बंद के आह्वान का शहर समेत जिले में कोई असर नहीं रहा। सोमवार को रोजाना की तरह बाजार खुले। व्यापारियों ने सुबह नौ बजे से प्रतिष्ठान खोलने शुरू कर दिए। दो घंटे बाद बहादुरगंज, गोविंदगंज, मंडी, जलालनगर, चौक सराफा आदि मार्केट रोज की तरह खुल गए। हालांकि छोटे नोटों की कमी के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या सीमित रही।
भारत बंद का आह्वान करने वाली राष्ट्रीय त्रणमूल कांग्रेस का जिले में कोई जनाधार नहीं है। यही नहीं, इस मुहिम में शामिल अन्य पार्टियों के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी बंद में कोई दिलचस्पी नहीं ली। नतीजा यह हुआ कि व्यापारियों ने सुबह नौ बजे से अपनी दुकानों के शटर उठाने शुरू कर दिए। दस बजे तक सभी दुकानें-शोरूम रोज की तरह खुल गए। विपक्षी दलों के पदाधिकारियों ने दुकानें बंद कराने की कोई कोशिश भी नहीं की।
खास यह भी रहा कि छोटे नोटों की कमी से व्यापार चौपट होने के बावजूद व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोग भी बंदी की मुहिम से तटस्थ रहे। शहर में करीब एक दर्जन व्यापार संगठन हैं, लेकिन बाजार बंदी के अन्य मौकों की तरह सोमवार को किसी भी संगठन के पदाधिकारी ने बंद सफल बनाने की चेष्टा नहीं की।
नोटबंदी राष्ट्रीय हित का फैसला
शहर के बहादुरगंज बाजार में बर्तन की दुकान खोले बैठे कंछल गुट के पदाधिकारी कंचन गुप्ता ने कहा कि नोटबंदी राष्ट्रीय हित का फैसला है और बाजार में ग्राहकों की कमी व्यापारियों की समस्या है, विपक्षी दलों की नहीं।
नहीं आया पांच सौ का नोट, ठप रहे एटीएम
छोटे नोटों की कमी से जूझ रहे बैंक अफसरों से लेकर जन सामान्य के लोगों के लिए सोमवार का दिन भी कोई खास राहत लेकर नहीं आया। बैंकों में नोट बदलने का काम बंद होने के बाद अब रकम निकालने वालों का दबाव है, क्योंकि ज्यादातर एटीएम जनता को सेवाएं देने के बजाय दिखावटी बने रहे।
अभी तक जिले में पांच सौ का नया नोट नहीं आने से बाजारों में ग्राहकों की कमी और उसी के अनुरूप बिक्री में गिरावट का दौर जारी रहा। जिले के 351 एटीएम में बैंक ऑफ बड़ौदा के सभी 73 एटीएम नए नोटों के लिए अपग्रेड नहीं हो पाने से ठप रहे। एसबीआई और प्राइवेट सेक्टर की बैंकों के कुछ एटीएम थोड़ी देर चले फिर कैश खत्म होने से बंद हो गए। लीड बैंक प्रबंधक बीएम गुप्ता ने आरबीआई प्रबंधन से हुई वार्ता के हवाले से कहा कि सप्ताहांत तक पांच सौ के नए नोटों की खेप मिलने की उम्मीद है।