मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। मिर्जापुर थाना क्षेत्र के दोषपुर नागर गांव में कोटेदार की हत्या के मामले में 11 साल बाद जमानत पर बाहर आए हत्यारोपी ओमकार उर्फ ओमी (48 वर्ष) ने शुक्रवार की शाम अपनी लाइसेंसी राइफल से माथे पर गोली मार ली। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या का कारण घरेलू विवाद बताया जा रहा है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
ओमकार की पत्नी सुनीता ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार की शाम करीब चार बजे पति बैठक में राइफल की सफाई कर रहे थे। उन्होंने उससे राइफल में डालने के लिए तेल मांगा। वह कमरे से तेल लेने के लिए चली गई। इस बीच पति ने बैठक का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। फिर लाइसेंसी राइफल से माथे पर गाेली मार ली।
गोली की आवाज सुनकर परिवार में हड़कंप मच। परिवार के लोग बाहर की ओर दौड़ पड़े। उनके बेटे अनुराग ने बैठक का दरवाजा तोड़ा। अंदर पिता का शव चारपाई पर लहूलुहान हालत में पड़ा था। पास में लाइसेंसी राइफल पड़ी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। फोरेसिंक टीम घटनास्थल की फोटोग्राफी कर सैंपल लिए।
थाना प्रभारी सोनी शुक्ला ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। परिवार के लोगों से पूछताछ की गई है, लेकिन आत्महत्या का कारण अभी पूर्ण रूप से स्पष्ट नहीं हो सका है। घरेलू विवाद की बात सामने आ रही है। पुलिस जांच कर रही है।
2014 में हुई थी कोटेदार की हत्या
पुलिस के अनुसार, 2014 में कोटेदार श्यामवीर सिंह उर्फ बगड़े की हत्या खेत पर मैंथा प्लांट पर हुई थी। तीन लोगों को जेल भेजा गया था। दो लोग छह साल पूर्व ही जेल से छूटकर आए थे, लेकिन ओमकार जेल में था। इस वर्ष मार्च में होली के चार दिन पहले ही ओमकार जमानत पर बाहर आया था।
ओमकार का शव देख पत्नी-बेटे हुए बेसुध
ओमकार के दो बेटे शिवम व अनुराग हैं। शिवम की शादी हो चुकी है। अनुराग पढ़ाई के साथ खेतीबाड़ी करता है। ओमकार के शव को देख उनकी पत्नी सुनीता, बेटे शिवम व अनुराग का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी।
शुरुआती जांच में आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। मौके से मिली राइफल कब्जे में ले ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
- राजेश द्विवेदी, एसपी
ओमकार उर्फ ओमी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
ओमकार उर्फ ओमी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन