बंडा। गेहूं खरीद केंद्रों पर इंचार्ज और ठेकेदार मनमानी पर उतारू हैं। किसानों से खर्चे के नाम पर रुपये मांगे जा रहे हैं और रुपये नहीं देने पर कागजों पर गेहूं का वजन कम अंकित किया जा रहा है। परेशान किसानों ने मामले की शिकायत एडीएम से की है।
बंडा के गांव बंडी निवासी राहुल सिंह का आरोप है कि उन्होंने मंडी स्थल पर लगे सेंटर पर अपना गेहूं बेचा था। गेहूं की तोल चार दिन पूर्व हुई थी। तोल होने से पहले केंद्र प्रभारी ने 45 रुपये प्रति क्विंटल खर्चा मांगा था। रुपये नहीं देने पर सेंटर इंचार्ज ने डेढ़ क्विंटल गेहूं कम चढ़ा दिया। उन्होंने शिकायत करने को कहा तो भुगतान रुकवाने की धमकी दी। इसके अलावा गांव चिकटिया निवासी अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पूर्व 53.50 क्विंटल गेहूं मंडी में सेंटर पर बेचा था। सेंटर प्रभारी ने उनका एक क्विंटल वजन कम चढ़ाया है। उनसे भी 45 रुपये प्रति क्विंटल खर्चा मांगा जा रहा था।
किसानों ने गेहूं क्रय केंद्रों पर अवैध वसूली की
शिकायत एडीएम सहित अन्य अधिकारियों से करते हुए कार्रवाई की मांग की है। एडीएम वित्त एवं राजस्व गिरजेश कुमार चौधरी ने बताया मामले की जानकारी करा रहे हैं कि गेहूं का वजन कम क्यों चढ़ाया जा रहा है। गेहूं का वजन पूरा लिखा जाएगा और खर्चे के नाम पर कोई राशि किसान कतई न दें। समस्या होने पर अवगत कराएं।