मकसूदापुर/बंडा। बजाज चीनी मिल की ओर से गन्ना बिक्री करने वाले जरूरतमंद किसानों को चीनी देने की घोषणा हुई तो तमाम किसान जान की परवाह किए बिना चीनी लेने के लिए टूट पड़े हैं। अधिकांश किसानों ने न तो मास्क लगाया था और न ही कहीं सामाजिक दूरी का पालन नजर आया।
गांव मकसूदापुर स्थित बजाज चीनी मिल शाहजहांपुर और पीलीभीत क्षेत्र किसानों का गन्ना खरीदती है। किसानों के गन्ने का भुगतान काफी देरी से हो रहा है। मिल की ओर से वर्तमान पेराई सत्र में 274.67 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा गया। चार दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान 45.43 करोड़ ही किया गया है। अभी मिल पर किसानों का 229.24 करोड़ रुपये बकाया है।
इस पर मिल ने किसानों को प्रति पर्ची एक क्विंटल
चीनी देने की बात कही थी। चीनी का पैसा गन्ने के भुगतान से काट लिया जाएगा। लॉकडाउन में सख्ती के चलते पहले तो किसान मिल नहीं पहुंच सके। मगर ग्रीन जोन में आने के बाद छूट मिली तो अब बड़ी तादात में किसान चीनी पहुंच रहे हैं। इस दौरान न तो वे माश्क लगाते हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं।
प्रत्येक गांव के किसानों के लिए एक निश्चित तिथि तय की गई है और जानकारी भी दी गई है। इसके बाद भी दूसरे गांवों से भी तमाम किसान आ जाते हैं और भीड़ लगाए रहते हैं। सामाजिक दूरी के लिए गोले बनाए गए थे जो रेत अधिक होने पर मिट गए हैं। गोले दोबारा बनवाए जाएंगे।
हितेंद्र सिंह, जीएम केन बजाज चीनी मिल मकसदूापुर