जनता की आवाज के कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में एडमीशन फीस, यूनिफार्म, कोर्स की किताबों आदि के मद में अभिभावकों से मनमाना शुल्क वसूले जाने पर कोई रोक नहीं लगने के विरोध में सामाजिक संगठन जनता की आवाज के कार्यकर्ताओं ने सोमवार से खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड में बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। इस मौके पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि अभिभावकों के हितोें से किसी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
भूख हड़ताल पर बैठे संगठन के संस्थापक संजीव गुप्ता ने कहा कि अभिभावकों के हितों से जुड़े मुद्दे पर सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की खामोेशी कई संदेह पैदा करती है, लेकिन इस लड़ाई को तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक स्कूल संचालकों की मनमानी पर कड़ाई से अंकुश नहीं लग जाता। उन्होंने मानक के अनुरूप फीस लिए जाने और फीस तथा शिक्षकों के वेतन का भुगतान कैशलेस सिस्टम से करने की मांग की।
प्रारंभ में दलित नेता दौलतराम ने संगठन के संस्थापक को माला पहनाकर भूख हड़ताल पर बिठाया। उनके समर्थन में महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सोनी गुप्ता, डॉ. मनोज पांडेय, सुनीता चौहान, आशा रानी गुप्ता, आशीष अवस्थी, गीता पांडेय, राहुल गुप्ता, आनंद प्रकाश, प्रमोद मिश्रा, जितेंद्र नाथ, जदुनाथ सिंह, सोहन सिंह नारंग, विनीत श्रीवास्तव, सुनील सिंह, आदित्य यादव आदि ने धरना दिया।
भाकियू ने किया भूख हड़ताल का समर्थन
भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रवादी गुट) के कार्यकर्ताओं ने जीशान रजा खां के नेतृत्व में जीआईसी ग्राउंड पर जाकर जनता की आवाज की सभी मांगों को जायज ठहराते हुए भूख हड़ताल का समर्थन किया। साथ ही हौसला बढ़ाने के लिए शकील मंसूरी, गंगा सहाय शर्मा, गुलजार आलम, मो. कलीम, रफी अहमद, रामऔतार आदि कार्यकर्ताओं के साथ सांकेतिक धरना दिया।