पुवायां। बिजली की सप्लाई कम मिलने से परेशान काफी संख्या में किसानों ने बृहस्पतिवार को बिजली उप केंद्र पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान किसानों की एसडीओ और जेई से जमकर नोकझोंक हुई।
पुवायां के नाहिल, भूरखेड़ा और टकेली आदि फीडर के किसान पुवायां के बिजली उप केंद्र पहुंचे। किसानों ने पावर कारपोरेशन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
एसडीओ रामाशंकर और जेई राकेश सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। किसानों ने बताया कि गांवों में घरेलू कनेक्शन और नलकूप की लाइनें अलग कर दी गई हैं। नलकूपों को दस घंटे बिजली देने के निर्देश हैं, लेकिन धान की रोपाई की सीजन में मात्र चार से पांच घंटे बिजली दी जा रही है। पांच घंटे की सप्लाई के दौरान तमाम बार ट्रिंपिंग होती है। जब तक नलकूप से खेत तक पानी पहुंचता है, तब तक ट्रिपिंग हो जाती है। ऐसे में धान की रोपाई के लिए पानी नहीं भर पाता है और श्रमिकों को बिना काम किए रुपये देने पड़ते हैं।
एसडीएम ने किसानों को बताया कि ओवरलोड की वजह से ज्यादा ट्रिपिंग हो रही है। विभाग के लोग समस्या का समाधान कराने के लिए प्रयासरत हैं। भीषण गर्मी के चलते भी समस्या हो रही है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। एसडीओ के आश्वासन के बाद किसान लौट गए। किसानों ने कहा कि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
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भीषण गर्मी और ओवरलोड के चलते कुछ समस्याएं हैं। किसानों को समझाया गया है। समस्या का निराकरण कराने का प्रयास किया जाएगा।
-रामाशंकर, एसडीओ, बिजली उप केंद्र पुवायां
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ऐसे कैसे होगा बिजली की समस्या का समाधान
पुवायां। यहां बिजली उपकेंद्र पहले से ही ओवरलोड चल रहा है। कई वर्ष पहले जो छोटे ट्रांसफार्मर लगाए गए थे अब तक उनकी क्षमता नहीं बढ़ाई गई है, जबकि कनेक्शनों की संख्या काफी ज्यादा हो चुकी है। इससे लोड बढ़ा है। ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के लिए समय समय पर मांग जाती है, लेकिन उच्च स्तर से सुनवाई नहीं होने से मामला जस का तस रहता है। इसी कारण अब भी समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है।
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बारिश से ही निकलेगा समाधान
बारिश नहीं होने से धान की फसल की सिंचाई मोटर के माध्यम से की जाती है। इस बार बारिश नहीं होने के कारण खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। बिजली सप्लाई में बढ़ोतरी नहीं होने पर अब किसानों के सामने बारिश ही विकल्प बचा है। संवाद