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वाहन बढ़े तो बीसलपुर मार्ग पर भी लगने लगा जाम

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शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मीरानपुर कटरा क्षेत्र की हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग पर आए दिन जाम की समस्या होने के कारण यहां से बरेली, मुरादाबाद, मेरठ और दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए निगोही-बीसलपुर-बरेली मार्ग काफी मददगार साबित हो रहा है। बावजूद इसके इस मार्ग पर भी यातायात बढ़ने से जाम लगने लगा है। इसके अलावा कई स्थानों पर गड्ढों के कारण परेशानी होती है तो रात में बदमाशों का डर भी बना रहता है।
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बता दें कि यहां से निगोही 24 किमी, निगोही से बीसलपुर 23 किमी और बीसलपुर से बरेली की दूरी 43 किमी है। इस रूट से बरेली की दूरी 90 किमी है। हाईवे पर तिलहर, कटरा, फरीदपुर होकर बरेली की दूरी भी इतनी ही है। इसलिए शहर, पुवायां, बंडा, खुटार, मोहम्मदी (खीरी), जलालाबाद आदि के ज्यादातार लोग निगोही, बीसलपुर होकर ही बरेली आते-जाते हैं।
भिंड से लिपुलेख चीन सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित हो चुके इस मार्ग पर निगोही-बीसलपुर के बीच कैमुआ नाला और खनंका नदी के पुल अंग्रेजों के जमाने वाले सिंगल लेन के बने हैं। यह दोनों पुल इतने संकरे है कि एक तरफ से कोई छोटा वाहन निकलने पर भी दूसरी ओर के वाहनों को कुछ देर ठहराव लेना पड़ता है, ऐसे में जाम लग जाता है। सर्दी में समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि डालमिया चीनी मिल में पेराई शुरू होने पर गन्ने से भरी बैलगाड़ियां, ट्रैक्टर ट्रॉलियां, ट्रक आदि बढ़ जाने से जाम की समस्या विकट हो जाती है। वैसी स्थिति में इन दोनों ठिकानों पर भी वाहन घंटों फंसे रहते हैं। इसके अलावा इस मार्ग पर रात में यातायात कम रहने से बदमाशों का डर भी बना रहता है।
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कैमुआ का नया पुल बनने तक रहेगी समस्या
निगोही। हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम की समस्या से बचने के लिए शाहजहांपुर से बरेली जाने वाले लोगों ने निगोही, बीसलपुर होते हुए आना-जाना शुरू किया तो शाहजहांपुर-पीलीभीत मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। इस वजह से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। इस मार्ग पर छह महीने पहले तो भारी गड्ढे हो गए थे, लेकिन अब लोक निर्माण विभाग ने गांव गुलेंदा से गुरगवां तक सड़क का जीर्णोद्धार करा दिया है, लेकिन गुलेंदा से बीसलपुर तक दो किमी मार्ग जीर्ण-शीर्ण है। इस मार्ग पर कस्बे के निकट कैमुआ नाले का पुल इतना संकरा है कि उससे होकर दो तांगे भी नहीं निकल सकते हैं। हालांकि, पुल का निर्माण शुरू हो गया है, लेकिन उसके बनने में एक वर्ष लग जाएगा।
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व्यापारियों ने कहा-यह मार्ग समस्या का स्थायी समाधान नहीं
चाहे हाईवे से बरेेली जाएं या बीसलपुर होकर, दूरी बराबर पड़ती है। यह मार्ग समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज जल्द बनना चाहिए क्योंकि तिलहर के व्यापारियों को निगोही होकर बरेली जाने में काफी फेर पड़ जाता है।
-वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल (कंछल गुट)
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हुलासनगरा में ओवरब्रिज न बनने से कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अक्सर क्रॉसिंग पर जाम में माल लेकर आ रहा ट्रक फंसने पर चालक को दूसरा रास्ता पकड़ना पड़ता है और ऐसी स्थिति मेें ट्रांसपोर्टर अपना भाड़ा भी बढ़ा देते हैं।
-उमेश चंद्र पाठक, जिलाध्यक्ष, पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार मंडल
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व्यापारियों को हर हफ्ते माल मंगाने अथवा खुद थोक खरीदारी करने के लिए बाहर जाना पड़ता है। तीन साल से हुलासनगरा क्रॉसिंग पर पुल को लेकर रेलवे और राजमार्ग प्राधिकरण के बीच रस्साकसी में व्यापारी परेशान हो रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि बीसलपुर-बरेली रूट पर रोडवेज बसें बढ़ाई जाएं।
-कुलदीप सिंह दुआ, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट)
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बीसलपुर-बरेली मार्ग का हाल ही में नवीनीकरण हुआ है, लेकिन डबल लेन का यह मार्ग व्यापारिक दृष्टि से रात में चलने लायक नहीं है। इस मार्ग पर यातायात सीमित होने से रात में बदमाश सक्रिय हो जाते हैं। व्यापारियों को अगले दिन दुकान खोलने के लिए रात में इस मार्ग से लौटना मजबूरी है।
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-पंकज वर्मा सराफ, जिलाध्यक्ष, आदर्श व्यापार मंडल
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