मानदेय की मांग को लेकर प्रशिक्षु शिक्षकों ने बीएसए दफ्तर में जमकर गदर काटा। प्रशिक्षुओं का उग्र रूप देखकर बीएसए दफ्तर के कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। प्रशिक्षु शिक्षक बिना मानदेय लिए दफ्तर से जाने को तैयार नहीं थे। दबाव बनाने के लिए वे शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) ने किसी तरह से प्रशिक्षुओं को समझाया और हर हाल में तीन दिन के अंदर मानदेय बैंक खातों में भेजने का आश्वासन दिया। प्रशिक्षुुओं ने कहा कि यदि शुक्रवार शाम तीन बजे तक मानदेय नहीं भेजा गया तो वे उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य हाेंगे।
भावलखेड़ा, ददरौल, मदनापुर, सिंधौली और कांट क्षेत्र के प्रशिक्षु शिक्षक साढ़े तीन बजे से बीएसए दफ्तर में एकत्रित होने लगे। करीब चार बजे 200 शिक्षक एकत्रित हो गए। इसके बाद उन लोगों ने कार्यालय गेट पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। विभागीय कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर करके अपनी बात शांतिपूर्वक करने की बात कही। इस पर प्रशिक्षु सबके साथ गेट पर ही बात करने पर अड़ गए। मजबूरन बीईओ (मुख्यालय) ने गेट पर आकर प्रशिक्षु शिक्षकों को समझाते हुए कि वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं है। इसलिए आज कुछ भी नहीं हो सकता है और तीन दिनों के अंदर उन लोगों का मानदेय उनके बैंक खातों में भेज दिया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षु संघ के जिलाध्यक्ष गौरव शुक्ला की बीईओ से झड़प भी हो गई।
प्रदर्शन करने वालों में अमित चौहान, संतोष सक्सेना, संतोष अवस्थी, अनिरुद्घ मिश्रा, ललित वर्मा, नवनीत तिवारी, अरविंद चौहान, विकास पाल, दिनेश पाल, योगेश कुमार, नेहा, प्रियंका, निधि अग्रवाल, राजेश मिश्रा, विजय लक्ष्मी, जहांआरा, साक्षी, विधिका, श्याम सुंदर चौधरी आदि मौजूद रहे।