शाहजहांपुर। शहर में होर्डिंग और फ्लैक्स लगाने की व्यवस्था नगर निगम के लिए चुनौती बनती जा रही है। विज्ञापन का ठेका खत्म हुए करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन दोबारा टेंडर नहीं किया जा सका है। इसका फायदा उठाकर शहर में प्रचार सामग्री लगाने का सिलसिला बेतरतीब तरीके से चल रहा है।
प्रमुख चौराहों, सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों के साथ बिजली के खंभों तक पर होर्डिंग, फ्लैक्स और बैनर नजर आ रहे हैं। इससे शहर का स्वरूप प्रभावित होने के साथ नगर निगम के राजस्व पर भी असर पड़ रहा है। साथ ही तेज हवा या खराब मौसम में हादसे की आशंका भी बढ़ जाती है।
नगर निगम ने वर्ष 2023 में विज्ञापन सामग्री लगाने का ठेका करीब 7.5 लाख रुपये में दिया था। इसकी अवधि मार्च 2024 में समाप्त हो गई। इसके बाद नई एजेंसी के चयन के लिए कई बार निविदा प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन मामला ठेके तक नहीं पहुंच सका। करीब दो वर्ष से यही स्थिति बनी हुई है।
इस बीच शहर में प्रचार सामग्री लगाने वालों की गतिविधियां थमी नहीं, लेकिन उन्हें नियंत्रित करने और उससे होने वाली आय को व्यवस्थित करने के लिए कोई प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नजर नहीं आई।
चौराहों पर बढ़ गया प्रचार का दबाव
शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर बड़े आकार के होर्डिंग लगातार बढ़े हैं। खिरनीबाग, कवि तिराहा, इमली रोड, लाल इमली, केरूगंज, राजघाट, चौक, बरेली मोड़, जलालनगर और रोडवेज क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर प्रचार सामग्री लगी दिखाई देती है। कई जगह एक ही स्थान पर कई फ्लैक्स और होर्डिंग लगाए गए हैं। इससे सार्वजनिक स्थानों पर दृश्यता प्रभावित हो रही है।
खंभों से भवनों की छत तक कब्जा
प्रचार सामग्री के लिए सिर्फ निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल नहीं हो रहा। बिजली के खंभों पर बैनर बांधने के साथ भवनों की छतों पर भी बड़े फ्लैक्स लगाए जा रहे हैं। सड़क किनारे लगे ऐसे ढांचे तेज हवा और बारिश के दौरान गिरने का खतरा भी पैदा करते हैं। कई स्थानों पर पैदल चलने वालों और वाहन चालकों के लिए भी ये बाधा बनते हैं।
विज्ञापन से निगम को होती है आय
विज्ञापन शुल्क निकाय के करेतर राजस्व का हिस्सा है। ऐसे में विज्ञापन व्यवस्था का लंबे समय तक ठेके के बिना चलना निगम की आय के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। निर्धारित शुल्क के तहत विज्ञापन लगाने की व्यवस्था होने पर निगम को नियमित राजस्व मिल सकता है।
कार्रवाई के बाद फिर लग जाती है प्रचार सामग्री
नगर निगम की ओर से समय-समय पर सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर लगे अवैध होर्डिंग, बैनर और फ्लैक्स हटाए जाते हैं। अभियान के दौरान सामग्री हटती जरूर है, लेकिन कुछ समय बाद फिर नए होर्डिंग नजर आने लगते हैं।
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पूर्व में नगर आयुक्त को अवैध रूप से लगाई जा रही विज्ञापन सामग्री को हटाने के निर्देश दिए थे। अवैध होर्डिंग न लगें, इसके लिए निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें हटाने के लिए सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
कवि तिराहे पर प्रेस क्लब के बाहर लगी होर्डिंग। संवाद