शाहजहांपुर / कांट। बरेली मोड़ से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिपुलेख-भिंड राज्यमार्ग का कार्य दो साल के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। सड़क किनारे लगे पेड़ नहीं कटने से काम में देरी हो रही है। रास्ता कई जगह पर जर्जर व अधूरा होने से कोहरे के चलते दुर्घटना का खतरा बना है। यहां पर गोवंशीय पशुओं के झुंड के विचरण के कारण हर समय हादसे की आशंका रहती है।
बरेली मोड़ से कांट की ओर साउथ सिटी कॉलोनी के आगे सड़क पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं। पिपरौला चौकी के पास से हाईवे बदतर हालत में है। सड़क को खोदने के बाद गिट्टी डाली गई थी। उस पर आए दिन लोगों की बाइकें फिसल जाती हैं। पिपरौला गांव के पास स्थिति काफी ज्यादा खराब है। घरों का पानी सड़क पर भरा पड़ा है। इसके चलते लोगों का निकलना दूभर है।
गड्ढे में वाहनों के पहिये पड़ने से दुर्घटनाएं हो जातीं हैं। ददरौल मोड़ के पास एक लेन की सड़क बना दी है जबकि दूसरी लेन काफी समय से अधूरी पड़ी है। इस पर कार्य ही शुरू नहीं कराया है। कांट इलाके में रेस्टोरेंट के पास भी आधी सड़क बनी है, जबकि शेष अधूरी है। कस्बे में पश्चिम की ओर बाजार से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके चलते सड़क दुकानों तक सटी है।
महुआ के पास आधी सड़क बनी है, जबकि पेड़ बीच में खड़ा होने से रात में हादसा होने का डर बना रहता है। इसके अलावा हाईवे पर छुट्टा गोवंशीय पशुओं का झुंड भी हादसे का सबब बन रहा है।
वन निगम के पेड़ नहीं काटने से अधूरा पड़ा है कार्य
हाईवे दो तहसीलों के अंतर्गत आता है। जलालाबाद तहसील क्षेत्र की ओर से पेड़ों का कटान होने के बाद काम काफी तेज गति से होने से सड़क की स्थिति अपेक्षाकृत ठीक है। जबकि बरेली मोड़ से कांट तक पेड़ों का कटान अभी रुका है। इसके चलते हाईवे भी अधूरा पड़ा है।
-5786 पेड़ों को काटने के लिए किया था चिह्नित
-13.08 करोड़ रुपये पेड़ काटने के लिए वन निगम को किए जमा
-294.29 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है मार्ग
-28.3 किमी तक चौड़ीकरण का काम होना है।
2023 में शुरू हुआ था कार्य
बरेली मोड़ से भगवान परशुराम की जन्मस्थली को जोड़ने वाले मार्ग का काम वर्ष 2023 में शुरू किया गया था। जनवरी 2025 में निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य था। पेड़ों के कटान में देरी के चलते अब समय सीमा बढ़ाकर मार्च 2026 कर दी गई है। हालांकि कार्य की प्रगति को देखते हुए इस समयसीमा तक काम होना मुश्किल लग रहा है।
आए दिन हो रहे हादसे, डिवाइडर से टकरा गई थी बस
सर्दी के दस्तक देने के साथ ही अधूरे पड़े हाईवे पर हादसा होने का खतरा बना रहता है। हाईवे पर डिवाइडर बना दिए गए हैं, लेकिन उस पर रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। इसी के चलते बुधवार को तड़के मथुरा से लखीमपुर जा रही श्रद्धालुओं से भरी निजी बस डिवाइडर से टकरा गई थी। इसमें 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी।
हाईवे के दोनों ओर पेड़ों का कटान दो से तीन दिन में शुरू हो जाएगा। करीब दो हजार पेड़ों का कटान होना है। इसके लिए सारी तैयारियां कर ली गईं हैं।
- एसएन मिश्रा, जीएम, वन निगम
कांट-जलालाबाद मार्ग पर हाईवे पर घूमते छुट्टा पशु। संवाद- फोटो : 1
कांट-जलालाबाद मार्ग पर हाईवे पर घूमते छुट्टा पशु। संवाद- फोटो : 1
कांट-जलालाबाद मार्ग पर हाईवे पर घूमते छुट्टा पशु। संवाद- फोटो : 1