शाहजहांपुर। संपत्ति के दाखिल खारिज की तमाम फाइलें नगर निगम कार्यालय में लंबित चल रहे हैं। कर्मचारियों की लापरवाही के चलते निस्तारित नहीं हो पा रहीं हैं। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
नगर निगम क्षेत्र में आने वाली संपत्तियों का दाखिल खारिज कराने के लिए रोजाना कई आवेदन होते हैं। आवेदन के 45 दिनों में दाखिल खारिज की प्रक्रिया पूरी करने का समय तय है। कर्मचारियों की लापरवाही के कारण एक फाइल महीनों तक अटकी रहती है। पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में आने वाले 2385 आवेदनों में 800 से अधिक का अभी तक निस्तारण नहीं हो पाया है।
चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में भी ढाई सौ से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। इनमें अधिकांश का निस्तारण नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना कि आपत्तियां लगने या फिर कागजों की कमी की वजह से फाइलों के निस्तारण में देरी हो रही है। कुछ में जांच भी चल रही है। समय पूरा होने से पहले निस्तारण करवा दिया जाएगा। दाखिल खारिज के लिए आवेदन करने वालों का आरोप है कि कर्मचारी बिना सुविधा शुल्क लिए फाइल को लटकाए रखते हैं।
चार जोन में बांटा गया काम
दाखिल-खारिज का काम चार जोन में बांटा गया है। जोन-1 में सहायक नगर आयुक्त मधुसूदन आर्या, जोन-2 में सहायक नगर आयुक्त रश्मि भारती, जोन-3 मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह, जोन-4 सहायक नगर आयुक्त अंगद गुप्ता के पास है। जोन वार प्राप्त आवेदकों को संबंधित अधिकारियों की देखरेख में निस्तारित कराया जाता है।
जोनवार प्राप्त आवेदन व निस्तारण
जोन-1 92 40
जोन-2 73 30
जोन-3 64 24
जोन-4 23 10
दाखिल खारिज के प्राप्त आवेदनों के निस्तारण का काम जोनल अधिकारियों को सौंपा है। मेरे पास जोन-3 की जिम्मेदारी है। इनमें प्राप्त फाइलों में अधिकांश का निस्तारण करवा दिया है। अन्य तीन जोन अलग-अलग अधिकारियों को सौंपे गए हैं। अभी सारे जोनल अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई हैं। सभी को नगर आयुक्त ने समय पर फाइलों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। -आरती सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम।