जलालाबाद। गोला गोकर्णनाथ जाने वाले कांवड़ियों की संख्या मंगलवार को पिछले दो-तीन दिनों की अपेक्षा कम रही। इसे देखते हुए पुलिस ने शाहजहांपुर हाईवे को छोड़कर अन्य हाईवे पर व्यावसायिक वाहनों को आने-जाने की अनुमति दे दी। चार दिन से अलग-अलग स्थानों पर खड़े ट्रक और अन्य भारी वाहनों के चालकों को इससे बड़ी राहत मिली। वहीं, एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के रवाना होने से बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात का दबाव बढ़ गया।
साप्ताहिक रूट डायवर्जन लागू होने के कारण शुक्रवार रात से भारी वाहनों को जगह-जगह रोका गया था। मंगलवार सुबह कांवड़ियों की संख्या कम होने पर पुलिस ने इन वाहनों को गंतव्य की ओर रवाना किया। चार दिन से खड़े वाहनों के एक साथ निकलने के कारण हाईवे पर करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
गंगा एक्सप्रेसवे से नोएडा, दिल्ली, मेरठ, संभल, प्रयागराज, कानपुर, गाजियाबाद आदि स्थानों से आने वाले ऐसे भारी वाहनों को टोल प्लाजा के पास रोक दिया गया था, जिन्हें एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज से उतरकर बदायूं, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, मीरानपुर कटरा समेत अन्य स्थानों पर जाना था। चार दिन तक डायवर्जन लागू रहने से टोल प्लाजा के दोनों ओर ट्रकों की लंबी कतार लग गई। मंगलवार सुबह पुलिस ने इन वाहनों को गंतव्य के लिए रवाना करा दिया।
30 घंटे बाद दोबारा टोल कटने की शिकायत
कुछ वाहन चालकों ने एक्सप्रेसवे पर 30 घंटे का समय पूरा होने के बाद दोबारा टोल शुल्क कटने की शिकायत की। चालकों ने मोबाइल पर मिले मेसेज भी पुलिस को दिखाए। इस पर पुलिस ने टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी की।
सीओ दीपक सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को देखते हुए भारी वाहनों को रोका गया था। जिन वाहनों से दोबारा टोल शुल्क काटे जाने की शिकायत मिली है, उसकी जानकारी टोल का काम देख रहे मुख्य अधिकारी को दी गई है। वाहनों का विवरण तैयार कर भेजा जाएगा और अतिरिक्त काटी गई धनराशि संबंधित वाहन चालकों के खातों में वापस कराई जाएगी।
जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेस वे पर खड़े वाहन। संवाद