शाहजहांपुर। शहर से लेकर गांवों तक बुखार का जबरदस्त प्रकोप है। जिले में हजारों लोग बुखार से पीड़ित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी तक सामान्य बुखार के रोगी ज्यादा हैं जो नियमित और समुचित इलाज से ठीक हो रहे हैं। बुखार आने के दो दिन के अंदर इलाज शुरू न कराने पर हालत बिगड़ जाती है।
पिछले लगभग एक महीने से पूरे जिले में बुखार चरम पर है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और निजी चिकित्सालयों में बुखार के मरीजों की भीड़ लगी हुई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों मरीज बुखार के पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में बुखार के साथ ही फैब्राइल सीजर की दिक्कत सामने आ रही है। इसमें तेज बुखार आने के बाद बच्चे अर्द्घबेहोशी की स्थिति में पहुंच जाते हैं। हालांकि थोड़ी देर बाद बच्चा सामान्य हो जाता है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय चिकित्सक के पास जाकर इलाज कराएं।
मौसम में परिवर्तन होने के चलते बच्चों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में तेज बुखार, वायरल, लूज मोशन से पीड़ित लगभग 100 से 125 बच्चे प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। इनमें से लगभग पांच बच्चे गंभीर होने के चलते भर्ती भी हो रहे हैं। अभी तक मलेरिया के 50 से ज्यादा रोगी मिल चुके हैं। वहीं डेंगू के दो मरीज मिले थे। उपचार के बाद उनकी हालत अब ठीक है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी तक उन लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं जिन्हें कई दिन से बुखार आ रहा था, लेकिन इलाज शुरू करने में लापरवाही बरती गई। इसके बाद हालात नियंत्रण से बाहर हो गए।
वर्तमान में सामान्य और मौसमी बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। जलजनित और मच्छरजनित बीमारियां बढ़ी हैं। आवश्यक यह है कि मरीज को बुखार आने के दो दिन के भीतर चिकित्सक को दिखा लें। वरना हालत बिगड़ सकती है। बच्चों के बुखार को बिलकुल नजरअंदाज न करें। - डॉ. गौरव मिश्र, बाल रोग विशेषज्ञ
बच्चों के मामलों में अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। ऐसे में जब मौसम में बदलाव हो रहा है तो बाहर ले जाने से परहेज करें। यदि बहुत आवश्यक हो तो मास्क लगाकर बाहर लेकर जाएं। बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल ही चिकित्सालय में इलाज कराएं। - डॉ. अखिलेश दीक्षित, राजकीय मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर।
घबराने की जरूरत नहीं है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों समेत सारी व्यवस्था है। मरीज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपना इलाज करा सकता है। गांवों में कैंप लगाकर मरीजों की जांच और इलाज किया जा रहा है। - डॉ. एसपी गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
बुखार के 25 मरीज मिले, एक को मलेरिया
जैतीपुर। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के द्वारा क्षेत्र के गांव में जाकर कैंप लगाया गया। विभाग की टीमों के द्वारा ग्रामीणों की जांच कर उन्हें दवाइयां वितरित की गईं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. लईक अहमद ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों के द्वारा जैतीपुर कस्बा सहित क्षेत्र के गांव मुड़ियाखेड़ा, गढ़ियारंगीन, लोहारगवां में कैंप लगाकर 300 मरीज देखे गए। इनमें से 24 बुखार से पीड़ित मरीज मिले। एक व्यक्ति मलेरिया का संदिग्ध मिला है। सभी मरीजों को दवाइयां दी गईं हैं। बीमारियों से बचने के उपाय भी बताए गए हैं। संवाद