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कोरोना के साथ मलेरिया ने पैर पसारे, 14 मरीज मिले

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ट्रामा सेंटर में स्ट्रेचर पर भी लेटे मरीज । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। कोरोना के साथ अब मलेरिया ने भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। जून-जुलाई में यहां मलेरिया पीवी (प्लाज्मोडियम विवैक्स) के 14 मरीज मिले हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुखार के रोजाना ही चार-पांच मरीज आ रहे हैं। मरीजों की संख्या अचानक इतनी बढ़ गई है कि बेड कम पड़ रहे हैं।
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पिछले कुछ दिन से ट्रामा सेंटर में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुुखार के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं । इनमें मलेरिया के मरीज भी शामिल हैं। बुधवार को राजकीय मेडिकल कालेज के ट्रॉमा सेंटर में करीब 70 मरीजों का इलाज किया गया। जबकि बृहस्पतिवार की दोपहर एक बजे तक 40 मरीजों का इलाज किया जा चुका था। इनमें से कुछ मरीजों को भर्ती भी किया गया।
कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार ट्रामा सेंटर में आने वाले किसी भी मर्ज के मरीज को इलाज करने के बाद सबसे पहले होल्डिंग एरिया में भर्ती किया जाता है। कुछ दिन तक वहां पर रखने के बाद मरीज की कोरोना से लेकर अन्य जांचें होने के बाद वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। होल्डिंग एरिया में लगभग 50 बेड हैं। ये सभी फुल हो चुके हैं। मलेरिया विभाग ने जून में 14 मरीज मिलने की पुष्टि की है। ये आंकड़े स्वास्थ्य केंद्रों से जुटाए गए हैं। जून में इतनी बारिश नहीं हुई थी। जुलाई में ज्यादा बारिश होने के साथ ही मच्छरजनित रोग बढ़े हैं, ऐसे में मरीज और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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ट्रामा सेंटर में तैनात डॉ. अर्जुन राज ने बताया कि बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। पिछले कुछ दिन से रोज ही चार-पांच मरीज मलेरिया की जांच रिपोर्ट लेकर आ रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से होल्डिंग एरिया में बेड फुल हो चुके हैं। मलेरिया से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि लोग अपनी इम्यूनिटी पॉवर बढ़ाएं। घर के अंदर बरसाती पानी न भरने दें। कई दिन का रखा पानी नहीं पियें । घर के अंदर साफ-सफाई रखें। बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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ट्रॉमा सेंटर में बेड का संकट
राजकीय मेडिकल कॉलेज में चार सौ से ज्यादा बेड की व्यवस्था है। बृहस्पतिवार को 275 मरीज भर्ती थे। जबकि राजकीय मेडिकल कॉलेज में लगभग 160 बेड की नई बिल्डिंग बनी है जिसको कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए सुरक्षित रखा गया है। कुछ वक्त पहले कोरोना महामारी में जिस तरह की तस्वीरें राजकीय मेडिकल कॉलेज से सामने आई थीं, बिल्कुल वैसी ही तस्वीरें एक बार फिर से ट्रामा सेंटर में देखने को मिली हैं। मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहा है। कांशीराम कॉलोनी निवासी अमर की तबीयत खराब हुई थी। उसके परिजन राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर लेकर आए, लेकिन ट्रामा सेंटर में अमर को लेटने के लिए बेड तक नहीं मिल पाया। तीमारदार महिला ने बताया कि सब कह रहे हैं कि बेड फुल हो चुके हैं। ट्रामा सेंटर के अंदर रखे स्ट्रेचर भी खाली नहीं हैं।
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दो प्रकार का होता है मलेरिया
जिला मलेरिया अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि मलेरिया दो प्रकार का होता है- प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम और प्लाज्मोडियम विवैक्स। जून में प्लास्मोडियम विवैक्स के 14 मरीज मिले थे। जुलाई में मिलने वाले मरीजों की सूची अब तक नहीं आई है।
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यह रखें ध्यान
-घरों में कूलर, फ्रिज, कहीं दूसरी जगह पर साफ भरे हुए पानी को भी जल्दी-जल्दी बदलना चाहिए। बरसाती पानी को इकट्ठा न होने दें। कहीं अगर बरसाती पानी इकट्ठा होता है तो उसमें होने वाले मच्छर ज्यादा खतरनाक होते हैं। मच्छरों को मारने के लिए मिट्टी का तेल डालें ।
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संचारी रोगों पर नियंत्रण और कोविड-19 की रोकथाम के लिए नगर निगम की ओर से लगातार स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जोन वार मोहल्लों में साफ-सफाई, दवा का छिड़काव, सैनिटाइजेेशन आदि करवाया जाता है। लोगों को अपने आसपास भी सफाई रखने की जरूरत है। कूलर व बर्तन में अधिक दिनों तक पानी को इकट्ठा न होने दें। इससे मच्छर पनपते हैं और बीमारी का कारण बनते हैं।
- डॉ. ओपी गौतम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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मरीजों की संख्या बढ़ी है लेकिन बेड की बहुत दिक्कत नहीं है। कोविड-19 की जांच रिपोर्ट आने तक मरीज को होल्डिंग एरिया में रखा जाता है और बाद में वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है।
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-डॉ. पूजा त्रिपाठी, जनसंपर्क अधिकारी, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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