खुटार (शाहजहांपुर)। ग्राम नरौठा देवीदास में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस पर काबू पाने में अब तक असफल रहे स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीणों का भरोसा उठा चुका है। इसके चलते बीमारी से बचने को गांव के लोग ग्राम देवता को मनाने में लगे हैं। इसके लिए ग्रामीणों ने सोमवार को सामूहिक रूप से यज्ञ भी आयोजित किया।
गांव नरौठा देवीदास में 15 दिन में बुखार से सात लोगों की जान जा चुकी है। प्रधान और गांव के लोगों ने बुखार से मौतों की जानकारी खुटार पीएचसी पर दी थी, लेकिन इसके बाद भी पीएचसी प्रभारी ने खुद गांव जाकर रोगियों की जांच करवाने की जरूरत नहीं समझी। अमर उजाला ने तीन नवंबर के अंक में मामले को प्रमुखता से उठाया तो सीएमओ डॉ. आरपी रावत ने पीएचसी प्रभारी की कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद खुटार अस्पताल से पहुंची टीम ने गांव जाकर लोगों का उपचार शुरू किया था। जिला मुख्यालय से भी संचारी रोग नियंत्रण टीक गांव पहुंची थी।
सीएमओ और डिप्टी सीएमओ भी दोपहर बाद गांव पहुंचे थे और गांव के लोगों को साफ सफाई रखने को कहा था। रविवार को गांव में 176 लोगों को बुखार से बचाव की दवा वितरित की गई थी। उधर गांव के लोगों ने बुखार से मुक्ति के लिए सोमवार को गांव में सामूहिक रूप से यज्ञ का आयोजन किया और ग्राम देवता से रोगमुक्त गांव करने के साथ ही गांव की सुख और समृद्धि की कामना की।
खुटार। सोमवार को नरौठा में नेत्र परीक्षण अधिकारी और एएनएम को बुखार के रोगियों की जांच करने और दवा वितरण करने के लिए भेज दिया गया। इससे गांव के लोगों में रोष है और उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की है।
गांव नरौठा देवीदास में बुखार से मौतों की जानकारी के बाद गांव पहुंचे सीएमओ ने पीएचसी प्रभारी को गांव में तीन दिन स्वास्थ्य शिविर लगवाकर दवा वितरित कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन रविवार को दवा वितरण के बाद सोमवार को सीएमओ के निर्देश की न सिर्फ धज्जियां उड़ाई गईं, बल्कि रोगियों की जान से भी खिलवाड़ करते हुए नेत्र परीक्षण अधिकारी को बुखार के रोगियों को देखने और दवा वितरित करने के लिए भेज दिया गया।
सोमवार को नेत्र परीक्षण अधिकारी देवेंद्र सिंह, स्कूलों में बच्चों का परीक्षण करने वाली टीम के सदस्य धीरेंद्र शुक्ला, एएनएम प्रियंका मिश्रा ने गांव नरौठा देवीदास के प्राथमिक स्कूल में हेल्थ कैंप लगाया। टीम के सदस्यों ने 22 रोगियों को देखा और दवा भी वितरित की। इससे गांव के लोगों में रोष देखा गया।
मैं जिला मुख्यालय पर डीएम की मीटिंग में गया था। इस कारण टीम को गांव भेजा गया था। गांव में बुखार के सामान्य रोगी मिले हैं।
डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी सरकारी अस्पताल खुटार