गोविंदगंज पॉवर सब स्टेशन के बाड़ूजई फस्र्ट वाले फीडर में रविवार को दोपहर फिर फाल्ट हो गया। शनिवार को सुबह उस्मान बाग पुलिस चौकी के पास रखे ट्रांसफार्मर में खराबी दूर नहीं होने पर वहां लगाया गया ट्राली ट्रांसफार्मर हट भी नहीं पाया कि रविवार को इसी फीडर की 11 केवी लाइन में खराबी आ गई। खास यह रहा कि फाल्ट कटौती अवधि के बजाय सप्लाई शुरू होने पर ठीक किए जाने से आसपास के कई मोहल्लों और कालोनियों में एक घंटे तक बत्ती गुल रही।
उस्मान बाग पुलिस चौकी के पास रखे 250 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर पर ओवरलोडिंग के कारण उसके केबिल शनिवार को अचानक जल उठे। इस कारण रक्षाबंधन पर सुबह से शाम चार बजे तक दिए गए कटौतीमुक्त बिजली सप्लाई के तोहफे से सैकड़ों घर वंचित रहे। पॉवर कारपोरेशन के एसडीओ सिटी इंद्रराज यादव ने प्रभावित क्षेत्र को बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए वहां ट्राली ट्रांसफार्मर लगवा दिया, लेकिन रविवार को अवकाश होने के कारण विभागीय स्टोर से वहां के लिए दूसरा ट्रांसफार्मर नहीं मिल सका।
रविवार को इसी लाइन पर दिन में 11 बजे तक ट्राली ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति होती रही। तीन घंटे की कटौती लागू होने के बाद दोपहर दो बजे सप्लाई शुरू होने पर दिक्कत उस वक्त पैदा हो गई, जब लाइन में शार्ट सर्किट की समस्या होने से ट्रिपिंग हो गई। लाइन स्टाफ कुछ देर तक ट्राली ट्रांसफार्मर के कनेक्शन में उलझा रहा, लेकिन वहां कोई गड़बड़ी नहीं मिलने पर पेट्रोलिंग कराकर लाइन चेक की।
दोपहर 2.40 बजे फाल्ट ठीक होने के बाद ट्रांसफार्मर से 11 केवी लाइन को करंट दिया जा सका। इस दौरान तारीन बहादुरगंज, बाड़ूजई फर्स्ट, बाड़ूजई पेशावरी आंशिक, उस्मानबाग, कटिया टोला आंशिक, मल्हार मोड़ तिराहा, तारीन टिकली नई कॉलोनी, पक्का तालाब आंशिक आदि क्षेत्रों के सैकड़ों घरों में बत्ती गुल रही।
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सरकार को बदनाम करने पर आमादा बिजली अफसर
एक ही लाइन पर बार-बार बिजली फाल्ट होने पर समाजवादी पार्टी के जिला सचिव ब्रजबहादुर कश्यप ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक्सईएन सिटी एके शुक्ला से दूरभाष पर वार्ता करके कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने 24 घंटे में एक ही लाइन पर दो बार फाल्ट होने का मामला पार्टी जिलाध्यक्ष तनवीर खां के संज्ञान में लाते हुए कहा कि कटौती अवधि के बजाय सप्लाई के दौरान फाल्ट ठीक करके लोगों को बिजली के लिए जानबूझकर तरसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को बदनाम करने की साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को भी भेजी जा रही है।