युवाओं को नौकरी का झांसा देकर हासिल कर लेते थे दस्तावेज
गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं फोटो आदि दस्तावेज प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद उनके फर्जी एवं कूटरचित हस्ताक्षर तैयार कर बोगस जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराते थे। फिर इन फर्जी जीएसटी फर्मों के नाम से कूटरचित ई-वे बिल एवं बिल्टी तैयार कर महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर आदि जनपदों से स्क्रैप खरीदते थे तथा मुजफ्फरनगर में अवैध रूप से विक्रय कर फर्जी लेन-देन दर्शाते हुए कर चोरी करते थे।