प्लाईवुड मैन्युफैक्चरर्स वेलफेयर एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी ने केंद्र सरकार से चीन से आयातित उत्पादों से प्रतिस्पर्धा में रहनेे के लिए प्लाईवुड उत्पादों को गुड्स सर्विस टैक्स से मुक्त रखने अथवा न्यूनतम पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने पर जोर दिया है। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अग्रवाल के निवास पर हुई बैठक में विभिन्न जनपदों से आए पदाधिकारियों ने इसी आशय का सुझाव दिया। बाद में बरेली जाकर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार से भेंट कर उन्हें ज्ञापन दिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के प्रदेेश अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की आय दोगुनी करके उन्हेें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने को प्रयासशील हैं। प्लाईवुड के ब्लॉक, बोर्ड, दरवाजे आदि उत्पाद बनाने मेें बहुधा पापुलर और यूकेलिप्टस की लकड़ी का इस्तेमाल होेता है। तमाम किसान अपने खेतों और मेड़ पर पापुलर, यूकेलिप्टस लगाकर उनका बेहतर मूल्य भी प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन चीन निर्मित प्लास्टिक और फाइबर के यही सस्ते उत्पाद देश के बाजार में बिकने से प्लाईवुड उद्योग पर संकट गहराने लगा है। उन्होंने कहा कि प्लाईवुड की जगह प्लास्टिक के विदेशी उत्पादों का बाजार गरमाने से देश के किसानों को भारी नुकसान होगा, बेरोजगारी बढ़ेगी और आयात बढ़ने से देश को विदेशी मुद्रा की हानि होगी। उन्हाेंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को विभिन्न पत्रों के माध्यम से अवगत कराते हुए अनुरोध किया गया है कि प्लाईवुड उद्योग को जीएसटी से मुक्त रखेें अथवा अधिकतम पांच फीसदी जीएसटी लागू कराएं।
प्रदेश महासचिव अजय सरदाना और कोषाध्यक्ष वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड आदि राज्यों के प्लाईवुड निर्माता प्रदेश के वित्त मंत्रियों से मिलकर प्लाईवुड उत्पादों पर पांच प्रतिशत से अधिक जीएसटी नहीं लगाने की मांग कर चुके हैं। लखीमपुर के गोपाल अग्रवाल, सीतापुर के रमापति अग्रवाल और लखनऊ के मंजीत सिंह नरूला ने केंद्र व प्रदेश सरकार को इसी आशय के प्रत्यावेदन भेजे जाने का सुझाव दिया। बैठक के बाद प्लाईवुड निर्माता विभिन्न वाहनों से बरेली पहुंचे और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार से भेंट की। पदाधिकारियों ने प्लाईवुड पर छाए संकट के बारे केंद्रीय राज्यमंत्री को वार्ता करके अपनी समस्याएं बताईं और ज्ञापन देकर प्लाईवुड को जीएसटी से मुक्त कराने का अनुरोध किया। प्रदेश अध्यक्ष श्री अग्रवाल के अनुसार केंद्रीय राज्यमंत्री ने ज्ञापन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है।