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परमात्मा ने पंचभूतों से निर्मित किया संसार...हर क्षण रहता साथ : दामोदर

Wed, 19 Mar 2025 12:33 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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चित्रा टॉकीज में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते कथा व्यास आचार्य डॉ. दामोदर दीक्षित। संवाद - फोटो : संवाद
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शाहजहांपुर। चित्रा टॉकीज में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा व्यास आचार्य डॉ. दामोदर दीक्षित ने कहा कि एक घड़े को बनाने के लिए मिट्टी, पानी, आग, हवा, आकाश तत्वों की आवश्यकता है। उसे बनाकर कुम्हार घड़े से अलग हो जाता है। वहीं, परमात्मा इस पंचभूतों से निर्मित संसार की रचना करता है लेकिन कुम्हार की भांति अलग नहीं होता बल्कि हर क्षण साथ रहता है।
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चित्रा टॉकीज में श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर प्रथम दिवस वृंदावन से आए कथा व्यास आचार्य डॉ. दामोदर दीक्षित ने श्रीमद्भागवत के मंगलाचरण की व्याख्या की। कथा व्यास ने ईश्वर को सत्य एवं घर-घर वास करने वाला समझाने के लिए अनेकों दृष्टांत दिए। उन्होंने कहा कि भागवत भगवान का शरीर है। इस रस को पान करने वाला आनंदित होता है। उन्होंने कथा सुनाते हुए बताया कि एक बार नारद मुनि व्यास जी के पास गए। नारद जी ने पूछा कि आपने वेद को तीन भागों में विभाजित किया और फिर अभाव की अनुभूति होने पर एक भाग और किया। अर्थात एक वेद को चार भागों में विभाजित किया फिर वेदों को सामान्य जन तक पहुंचाने के लिए पुरुषों की रचना की। फिर भी आप अशांत से लग रहे हैं। व्यास जी ने स्वीकार किया कि वास्तव में तृप्ति नहीं हुई।
इस पर नारद जी ने कहा कि आप भगवान के साकार रूप लीलाओं के माध्यम से वर्णन करें तो आपको परम शांति प्राप्ति होगी। व्यास जी ने नारद जी के परामर्श से श्रीमद्भागवत महापुराण की स्थापना की तब जाकर हृदय को शांति प्राप्त हुई। ऐसी विलक्षण कथा के श्रवण एवं वाचन से श्रोताओं, भक्तों को भी शांति एवं आनंद प्राप्त होता है। इसके बाद नारद जी ने अपने पूर्व जन्म की कथा सुनाई। वह पूर्व जन्म में एक दासी के पुत्र थे लेकिन संतों की संगति मिल जाने से देवर्षि कहलाए। कथा व्यास ने परीक्षित जन्म की कथा सुनाई। इससे पूर्व पुरोहित पं. अनंतराम ने श्री गणेश, नवग्रह, श्रीमद्भागवत एवं देव पूजन कराया। सुधा मेहरा व ध्रुव मेहरा आदि ने व्यास गद्दी का पूजन किया। पं. रामदुलारे त्रिगुनायत ने भरतचरित का धार्मिक वर्णन किया।
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मंच संचालक आचार्य रामानंद दीक्षित ने भक्ति मुक्ति रूपी सीता को खोजने की विधि का वर्णन किया। इस दौरान कमलेश कुमार खन्ना ने पत्नी सरला खन्ना सहित मुख्य यजमान के रूप में होकर कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर धीरू खन्ना, रागिनी खन्ना, कौस्तुभ, राजशेखर, ओमशेखर, डॉ. राम मेहरोत्रा, सोमनाथ कपूर, सरिता कपूर आदि भक्त मौजूद रहे। रमेश त्रिपाठी एवं प्रसून त्रिपाठी ने हनुमान चालीसा एवं भजनों के माध्यम से भक्तों को भावविभोर किया। ढोलक पर संगति रामबली ने की।

चित्रा टॉकीज में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते कथा व्यास आचार्य डॉ. दामोदर दीक्षित। संवाद- फोटो : संवाद

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