शाहजहांपुर। अपनी रक्षा स्वयं करने के उद्देश्य से आत्मरक्षा के प्रति लड़कियां सजग हो गई हैं। वह आत्मरक्षा के गुर सीख रही हैं। यूपी बोर्ड व सीबीएसई की परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रशिक्षण शिविरों में लड़कियों की संख्या में इजाफा हो गया है।
इन दिनों प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जहां पर लड़कियों को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मनीषी ताइक्वांडो वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव डॉ.पुनीत मनीषी बताते हैं कि शिविर की कक्षाओं में बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सीखने का अवसर मिल रहा है। इससे उनका आत्मविश्वास निरंतर बढ़ रहा है।
उनके पास वर्तमान में 25 लड़कियां नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। आर्थिक रूप से कमजोर छात्राएं भी निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
ताइक्वांडो सीखने से उनमें आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। अब वह किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए खुद को सक्षम महसूस करती हैं। पहले डर लगता था, अब अपने अंदर आत्मरक्षा की क्षमता महसूस होती है।
-वैष्णवी
ताइक्वांडो प्रशिक्षण से शारीरिक मजबूती के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता भी मिली है। प्रशिक्षण से अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास का विकास होता है, जो पढ़ाई और जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी बहुत सहायक है।
-पीहू
काफी समय से ताइक्वांडो प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए ब्लैक बेल्ट हासिल कर चुके हैं। वर्तमान समय में हर लड़की के लिए मार्शल आर्ट सीखना अत्यंत आवश्यक है। जिससे वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सकें।
-अलकमा
पिछले चार वर्षों से प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए सेंट पॉल्स इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण देने का अवसर भी मिला, इससे रोजगार के क्षेत्र में लाभ प्राप्त हुआ है। आत्मरक्षा के साथ ही ताइक्वांडो रोजगार का जरिया भी है।
-खुशबू
खुशबू
खुशबू
खुशबू