शहर में गर्रा नदी के पुल से वाहनों का आवागमन शुरू करने के लिए एप्रोच रोड का निर्माण कार्य काफी दिनों से चल रहा है, लेकिन हर बार नई समस्याओं की वजह से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। शासन को भेजे गए पुनरीक्षित प्रस्ताव के पास न होने की वजह से एक बार फिर से पुल निर्माण का कार्य अधर में लटका नजर आ रहा है। इससे पुल शुरू होने का इंतजार कर रहे लोगों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
एप्रोच रोड के निर्माण में देरी की मुख्य वजह उसकी लागत का बढ़ना है। पहले से अब लागत करीब 63 लाख रुपये बढ़ गई है। पहले 147 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। वन विभाग से अनुमति न मिलने की वजह से पुल निर्माण काफी समय तक अटका रहा था। इससे निर्माण की अनुमानित लागत करीब 210 लाख रुपये पर पहुंच गई।
बढ़ी हुई धनराशि का पुनरीक्षित बजट तैयार करके स्वीकृत कराने के लिए जिले से शासन को करीब एक साल पहले प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक वहां से हरी झंडी नहीं मिल सकी। जिसके बाद एक माह लगेगा। इससे अभी गर्रा पुल की एप्रोच बनती नजर नहीं आ रही है।
सेतु निगम को कराने हैं ये काम
पीडब्ल्यूडी के साथ ही सेतु निगम की ओर से गर्रा पुल पर कुछ निर्माण कार्य कराया जाना बाकी है। सेतु निगम की ओर से गर्रा पुल के दोनों ओर एप्रोच स्लैब डलवाएगा। साथ ही पुल पर बियरिंग कोट कराकर सड़क निर्माण करवाएगा।
‘पुल पर एप्रोच बनाने के साथ ही वहां पर सुरक्षात्मक कार्य भी किया जाना अभी बाकी है। इस कार्य को पूरा करने में कम से कम एक महीने का समय लग ही जाएगा।’
- एसपी पांडेय, अवर अभियंता, गर्रा पुल निर्माण के प्रभारी
‘पुनरीक्षित बजट को पास कराने के लिए शासन को प्रस्ताव काफी पहले ही भेजा जा चुका है। इसके बाद डीएम के द्वारा भी प्रस्ताव पास किए जाने को लेकर पत्र शासन को भेजे जा चुके हैं। पुनरीक्षित बजट स्वीकृत होने के बाद जल्द एप्रोच को बनवा दिया जाएगा।’
- आरके सिंह, एक्सईएन, प्रांतीय खंड