शाहजहांपुर। जिले के गन्ना किसानों को फसली सर्वे, सट्टा एवं पर्ची की स्थिति जानने के लिए समिति कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और यह सारी जानकारियां उन्हें घर बैठे मिल जाएंगी। इसके लिए गन्ना विकास विभाग द्वारा बहुत जल्द मोबाइल एप लांच किया जाएगा। लोधीपुर स्थित गन्ना किसान संस्थान के सभागार में पर्ची निर्गमन, पूछताछ एवं ईआरपी सॉफ्टवेयर के संबंध में रविवार को हुए एक दिवसीय कार्मिक प्रशिक्षण में जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम ने यह जानकारी दी।
उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि मोबाइल एप लांच होते ही उसे किसान डाउनलोड कराना शुरू करें। डीसीओ ने कहा कि पेराई सत्र आरंभ होने पर कर्मचारी जितनी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता से काम करेंगे, किसानों की समस्याएं और शिकायतें उसी अनुपात में कम हो जाएंगी। गन्ना किसानों की सुविधा के लिए शासन ने कई टोल फ्री नंबर भी जारी किए हैं। गन्ना पर्ची के संबंध में जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-103-5823, गन्ना खेती संबंधी जानकारी को 1800-180-1551 और गन्ना आयुक्त कार्यालय से संपर्क को टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 डायल किए जा सकते हैं।
इससे पूर्व, एमिटी सॉफ्टवेयर के प्रतिनिधि अमित कुमार ने गन्ना खेती से लेकर पेराई के लिए मिलों को सप्लाई होने तक किसानों की समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पर्ची निर्गमन के लिए जिले में तीन केंद्र बनाए गए हैं। इन तीनों केंद्रों से पर्चियां जारी होने के साथ वहां पूछताछ केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। रोजा, पुवायां एवं तिलहर सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालयों के इन केंद्रों पर किसान गन्ना कैलेंडर, कुल पर्ची, सट्टा आदि के बारे में जानकारी ले सकेंगे। प्रशिक्षण में तीनों समितियों के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, गनना पर्यवेक्षक, समितियों के सचिव, कर्मचारी आदि मौजूद रहे।