कार्तिक मेला ढाईघाट बुधवार से शुरू हो गया। गंगातट पर अस्थाई तंबुओं का शहर बस गया है। मेले में पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दुकानें भी सज गई हैं।
जिला पंचायत के प्रबंधन में लगने वाले इस मेले में कल्पवास के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने राउटी-टेंट लगाकर अपने ठिकाने बना लिए हैं। लगभग 20 एकड़ क्षेत्रफल में फैले मेले में अभी तक मुख्य मार्गों को छोड़ कहीं भी प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इससे श्रद्धालुओं को दिक्कत हो रही है।
मेले में गंगा के निर्माणाधीन पक्के पुल के पश्चिम बाईपास रोड निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इससे श्रद्धालुओं के वाहन रेत में फंस रहे हैं। जिला पंचायत प्रशासन रेतीले मार्गों पर टैंकर से पानी का छिड़काव कर आवागमन के योग्य बना रहा है।
घाटों पर अभी नहीं कोई खतरा
मिर्जापुर। जिला पंचायत के मेला इंचार्ज ने बताया कि फिलहाल गंगाघाटों पर कहीं भी डेंजर जोन नहीं है। मुख्य पर्व से पहले एक बार फिर घाटों पर जल की गहराई देखी जाएगी। उसी के अनुसार घाटों को चिन्हित किया जाएगा।
व्यवस्था के लिए मिले सात लाख रुपये
मिर्जापुर। जिला पंचायत के मेला इंचार्ज तुलसीराम ने बताया कि कि मेले में व्यवस्था के लिए 6.95 लाख का बजट आवंटित हुआ है। इसीसे श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं और ड्यूटी पर आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रवास की व्यवस्थाएं की जाएंगी।
सफाई के लिए मिले 25 कर्मी
मिर्जापुर। मेले में सफाई के लिए डीपीआरओ से 40 सफाई कर्मियों की मांग की गई थी लेकिन अब तक 25 सफाईकर्मी ही मिले हैं, जो लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में फैले मेले की सफाई करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
कृषि विकास प्रदर्शनी भी लगी
मिर्जापुर। मेले में कृषि विभाग ने पांच दिवसीय विराट किसान मेला और प्रदर्शनी भी लगाई है। इसमें किसानों को कृषि एवं पशु पालन संबंधी सभी जानकारियां विशेषज्ञों द्वारा दी जाएंगी।
मेला की सुरक्षा गंगा मैया के भरोसे
मिर्जापुर। ढाईघाट के इस विशाल मेले की सुरक्षा गंगा मैया के भरोसे छोड़ दी गई है। मेले की सुरक्षा में लगाया गया पुलिस फोर्स अब तक नहीं पहुंचा है। इससे श्रद्धालु खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
एसपी ने मेले की सुरक्षा के लिए मिर्जापुर पुलिस के अलावा जिले के विभिन्न थानों से 10 उपनिरीक्षक, 10 एचसीपी, 70 कांस्टेबिल, 10 महिला कांस्टेबिल, पांच ट्रैफिक पुलिस कर्मी, दो एपी गारद, एक टीयर गैस यूनिट, आरटी सेट (वायरलेस सेट), फायर यूनिट के साथ ही आतंकवादी गतिविधियों और संदिग्धों पर नजर रखने के लिए एलआईयू इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन मेले में पहले दिन ड्यूटी पर लगाए गए किसी बाहरी पुलिसकर्मी ने आमद नहीं कराई है। मिर्जापुर थाना पुलिस ही अपने बूते सुरक्षा कर रही है।
यहां यह बताना जरूरी है कि पिछली बार मेला में दहाड़े एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस प्रशासन ने घस घटना के बाद भी मेले की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया है। इससे श्रद्धालुओं का अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है।