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तिलहर और जलालाबाद से होकर गुजरेगा गंगा एक्सप्रेस-वे

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तिलहर। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल मेरठ -प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण का मसौदा लगभग तैयार हो चुका है। यह एक्सप्रेस-वे जनपद की तहसील तिलहर, जलालाबाद और सदर के 41 गांवों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे की 546 किलोमीटर की दूरी निर्धारित की गई है। गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद जिले के लोगों को प्रयागराज जाने के लिए लगभग आधा सफर तय करना होगा। अगले वर्ष जून माह में इसका निर्माण प्रस्तावित है। तहसील क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण(यूपीडा) के देखरेख में गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। विगत 13 नवंबर 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बैठक में गंगा एक्सप्रेस-वे की समीक्षा की थी। यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने बैठक में भाग लेकर गंगा एक्सप्रेस-वे के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में कहा गया है कि गंगा एक्सप्रेस-वे की कुल अनुमानित लागत 41,544 करोड़ रुपया आएगी। इसकी सड़क आठ लेन की प्रस्तावित है। इस पर मोदीनगर, गाजियाबाद, हापुड़ आदि शहरों का ट्रैफिक सुगमता से जा सकेगा।
हाई-स्पीड कॉरिडोर होगा उपलब्ध
गंगा एक्सप्रेस-वे बन जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एनसीआर, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा से ट्रैफिक उत्तर प्रदेश होते हुए मध्य प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वालों के लिए एक हाई स्पीड कॉरिडोर उपलब्ध हो जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे को उन्नाव जनपद में बांगरमऊ के समीप क्रॉस करेगा। जहां से लखनऊ की दूरी मात्र 60 किलोमीटर रह जाएगी।
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12 जिले से गुजरेगा एक्सप्रेस वे
तिलहर की तहसीलदार तृप्ति गुप्ता ने बैठक में भाग लेने के बाद अमर उजाला को बताया कि एक्सप्रेस -वे मेरठ से लेकर प्रयागराज तक 12 जिले प्रभावित हो रहे हैं। जिनमें मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल है। इन जनपदों में एक्सप्रेस-वे 30 तहसीलों से होकर गुजरेगा।
तिलहर के आठ, जलालाबाद के 28 और सदर के पांच गांव
शाहजहांपुर जनपद में तिलहर तहसील के आठ गांव, जलालाबाद के सर्वाधिक 28 गांव और सदर के पांच गांव शामिल हैं। बताया कि तिलहर तहसील में गांव घसा कल्याणपुर, रामपुर खादर, खेड़ाघसा उर्फ पृथ्वीपुर, रपाड़िया, खारम घसा, मथुरा, खमरिया और खिरिया रतन शामिल हैं।
यूपीडा संस्था को भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव यहां से भेजा गया है। प्रस्ताव आने के बाद संबंधित भूमि स्वामियों से समझौता पत्र भरवाया जाएगा। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण जून माह 2021 में प्रस्तावित है।
- तृप्ति गुप्ता, तहसीलदार, तिलहर
गंगा एक्सप्रेस-वे में तिलहर, जलालाबाद और कलान तहसील के 41 गांव की जमीनें आ रही हैं। संबंधित किसानों से समझौता पत्र के आधार पर जमीनों का बैनामा कराया जाएगा। इसके लिए शासन ने 25 करोड़ रुपये स्वीकृत करने का पत्र भेज दिया है। दो दिन पहले डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन जमीनों का गाटावार सत्यापन कराने का निर्णय किया गया है। एक्सप्रेस-वे में आने वाली अन्य परिसंपत्तियों का लोक निर्माण विभाग से मूल्यांकन कराया जाएगा। - रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन/नोडल अफसर, गंगा एक्सप्रेस-वे
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