फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा एक्सप्रेस-वे: पांच किमी दायरे वाले गांवों को मिलेगी नए संपर्क मार्गों की सौगात

विज्ञापन
मदनापुर क्षेत्र के गांव छत्तरपट्टी जाने वाला संपकज् मार्ग । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जनपद से होकर निकलने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे पांच किमी के दायरे में बसे गांवों को नए संपर्क मार्गों की सौगात मिलेगी। प्रदेश सरकार ने गत वर्ष सभी राष्ट्रीय राजमार्गों समेत एक्सप्रेस-वे के किनारे के गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए वहां नए संपर्क मार्ग बनाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन

छह लेन वाले एक्सप्रेस-वे के लिए जनपद के 42 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। इसके लिए सदर तहसील में मदनापुर ब्लॉक के छह, जलालाबाद तहसील के 26 और तिलहर तहसील में मदनापुर व जैतीपुर ब्लॉक के दस गांवों की जमीन अधिग्रहीत कर ली गई हैं। सदर तहसील के गांव अतिवरा समेत झरहर हरीपुर, चंदिउरा बहादुरपुर, खजुरिया, सैजना ताल्लुके आमखेड़ा और उदरापुर गांवों में भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। ये सभी ऐसे गांव हैं, जो अभी तक राजमार्गों से दूर रहे, लेकिन एक्सप्रेस- वे बनने के बाद उनकी तस्वीर बदल जाएगी। इनका सर्वे लोनिवि की ओर से किया गया था। लोनिवि अभियंताओं के अनुसार हाईवे के किनारे वाले उन गांवों में भी संपर्क मार्ग बनेंगे, जो कई साल पहले बने थे और अब खस्ताहाल हो चुके हैं।
ब्लॉकवार गांव जहां से संपर्क मार्ग मिलेंगे
जलालाबाद। नगला दमन, पैंदापुर, लेही, पियरिया, सरखंडा, चौकी आजमपुर, पंखाखेड़ा, गिरधरपुर, ननिऊरा, पीरू, बांस खेड़ा खुर्द, उदरापुर, मुडिय़ा नगला, धिंयरा, अतिवरा, भगवानपुर आदि 26 गांव संपर्क मार्ग से जुड़ेंगे।
विज्ञापन

तिलहर। फिरोजपुर, घसा कल्याणपुर, रामपुर खादर, पृथ्वीपुर, रपड़िया, खारम घसा, मथुरा, खमरिया, खिरिया रतन सहित दस गांवों से होकर एक्सप्रेस वे प्रस्तावित है और इसके बनने से इन गांवों को भी संपर्क मार्ग मिल जाएंगे।
जैतीपुर। गढ़िया रंगीन क्षेत्र के धुबला करीमनगर, प्रेम नगर, रामपुर, पृथ्वीपुर, घसा कल्याणपुर, गढ़िया रंगीन, खमरिया, चचौरा, कुबेर गौटिया आदि गांव एक्सप्रेस-वे के पांच किमी दायरे में होने से वहां के लोगों को एक्सप्रेस-वे से जुड़ने की उम्मीद है।
मदनापुर। ग्राम पंचायत चमरपुर कलां का छत्तर पट्टी गांव से एक्सप्रेस-वे सीधे जुड़ जाएगा। यही नहीं, आसपास के अन्य कई गांव भी संपर्क मार्ग बनने पर विकास से लाभान्वित होंगे।
अल्हागंज। ग्राम पंचायत समापुर के गांव कुंडरी, चंपतपुर, टिकुरा मऊ, रसूलपुर, दहेना, मनिहार, अशरफपुर, मिघौल आदि एक दर्जन गांव ऐसे हैं, जिनके रास्तों में गड्ढे हो गए हैं। सरकार की इस पहल से इन सभी गांवों के बाशिंदों के चेहरे खिल गए हैं।
एक्सप्रेस-वे बनने पर सबसे ज्यादा संपर्क मार्ग जलालाबाद और तिलहर तहसील के गांवों में बनेंगे। एनएचएआई की कार्यदायी संस्था निर्माण के लिए किमी आधार पर पैकेज तैयार कर रही है। एक्सप्रेस-वे बनने पर ही संपर्क मार्गों का नक्शा बनाकर उन पर होने वाले व्यय का आकलन किया जाएगा। -राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-1)
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। एक-दो गांवों में जहां जमीन के मुआवजे को लेकर विवाद है, उनका निस्तारण भी जल्द कराया जाएगा। अभी एनएचएआई की कार्यदायी संस्था की टीम अभी जनपद में निर्माण संबंधी मशीनें और उपकरण नहीं लाई है। -रामसेवक द्विवेदी, नोडल अधिकारी (राजमार्ग)/एडीएम प्रशासन

जैतीपुर में गंगा एक्सप्रेस वे इसी रामपुर गांव को जोडने बाले मार्ग से निकलेगा। संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें