शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे। 12 जिलों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेस-वे आसान ट्रांसपोर्टेशन के साथ ही रोजगार सृजन का माध्यम बनेगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक कलस्टर बनाए जाने के साथ ही शाहजहांपुर में प्रस्तावित हवाई पट्टी सेना के लिए सहायक साबित होगी। यह एक्सप्रेस-वे शाहजहांपुर के विकास की रफ्तार तेज करेगा।
गंगा एक्सप्रेस-वे शुरुआत में सिक्स लेन का बनाया जाएगा, जिसे बाद में आठ लेन का करने की योजना है। एक्सप्रेस-वे का काम लगभग 26 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। अधिग्रहीत जमीन के किसानों को लगभग सर्किल रेट से लगभग चार गुना मुआवजा मिलेगा।
गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़े मुख्य तथ्य
-594 किलोमीटर लंबा यह सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा। यह मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में जूड़ापुर दांदू में नेशनल हाईवे-19 में मिलेगा। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद लखनऊ से मेरठ की दूरी महज पांच घंटे की रह जाएगी। गंगा एक्सप्रेस पर वाहनों की गति करीब 120 किमी प्रति घंटा होगी। गंगा नदी पर लगभग 960 मीटर और रामगंगा नदी पर लगभग 720 मीटर लंबाई के दीर्घ पुल बनेंगे। परियोजना की कुल लागत 36, 230 करोड़ रुपये आंकी गई है। एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों से जमीन का अधिग्रहण लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
सेना को मिलेगी सहायता
-जलालाबाद के गांव बढोडार, चमरपुर कलां, पीरू सहित पांच गांवों में 960 मीटर की हवाई पट्टी बनाई जाएगी। इससे नेपाल और चीन तक एयरफोर्स की पहुंच आसान रहेगी। एयरफोर्स के लिए बरेली के बाद शाहजहांपुर नया बेस साबित होगा।
एक्सप्रेस-वे पर मिलेंगी ये सुविधाएं
डिजाइन में एक्सप्रेसवे के किनारे दी जाने वाली सुविधाओं को भी दिखाया गया है। इसमें कार, बस के लिए पार्किंग, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सर्विस स्टेशन, फूड आउटलेट, ढाबा, पानी पीने के बूथ, शौचालय ब्लॉक को शामिल किया गया। इस सुविधाओं को देने के लिए 250 मीटर लंबा और 200 मीटर चौड़ा स्थान लिया जाएगा।
मिलेगा रोजगार, बनेंगे औद्योगिक क्लस्टर
एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक कॉरिडोर बनेंगे। एक्सप्रेसवे के नजदीक उद्योग लगेंगे। इससे 25 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। हाईवे किनारे शिक्षण संस्थाएं, कृषि आधारित उद्योग लगेंगे। कोल्ड स्टोरेज, हैंडलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, मंडी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों आदि की स्थापना में सहायक होगा।
चार चरणों में बनेगा एक्सप्रेस-वे
ग्रुप 1 - मेरठ से अमरोहा, 129 किमी
आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स
ग्रुप 2 - बदायूं से हरदोई, 151 किमी
अडानी इंटरप्राइजेज
ग्रुप 3 - हरदोई से उन्नाव, 155 किमी
अडानी इंटरप्राइजेज
ग्रुप 4 - उन्नाव से प्रयागराज, 156 किमी
अडानी इंटरप्राइजेज