किसानों की आत्म हत्याओं पर केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा अभद्र टिप्पणी किए जाने के विरोध में जिला व शहर कांगे्रस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को गांधी भवन परिसर में बापू और शास्त्री जी की प्रतिमाओं के समक्ष धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने मोदी सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से देश के किसानों से माफी मांगने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा ने कहा कि देश में यूपीए सरकार के दौरान किसान हित की अनेक योजनाएं लागू की गईं। बाढ़ और सूखा जैसी विपत्तियों के दौरान तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने किसानों के 70 हजार करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए और किसानों के हित में भूमि अधिग्रहण बिल लेकर आई, लेकिन केंद्र में सत्ता परिवर्तन होते ही मोदी सरकार ने अपना किसान विरोधी चेहरा दिखाना शुरू कर दिया।
पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से परेशान किसानों ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों से तंग आकर आत्महत्या करनी शुरू की तो सरकार ने संवेदनशीलता से काम लेने के बजाय किसानों की मौतों का मजाक बनाना शुरू कर दिया। जिला महामंत्री मनोज त्रिपाठी ने कहा कि अन्नदाताओं के प्रति केंद्रीय कृषि मंत्री का गैर जिम्मेदाराना बयान किसानों के प्रति सरकार कीर नीयत पर सवाल खड़े करता है।
इस मौके पर सभी ने केंद्रीय कृषि मंत्री से किसाडनों से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि सरकार आत्महत्या करने वाले किसानों के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता की घोषणा करे। धरना-प्रदर्शन में डीसीबी के पूर्व चेयरमैन भूपेंद्र सिंह भन्नू, रजनीश गुप्ता, विनीत मिश्रा, अनूप वर्मा, विश्वदीप अवस्थी, रामप्रकाश दीक्षित, सुशील दीक्षित, शशिमोहन अग्रिहोत्री, अतित गुप्ता, आलोक प्रताप सिंह भोला, रवि कैथवार, शारदा थापा, रचना निगम, वंदना सक्सेना, ममता सिंह, अश्विनी द्विवेदी, रामरहीस पाल, गोपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।