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Shahjahanpur News: मेलों में आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी

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ओसीएफ रामलीला मैदान पर खड़े किए गए रावण, कुम्भकरण व मेघनाद के पुतले। संवाद
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शाहजहांपुर। असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा मंगलवार को मनाया जाएगा। खिरनीबाग रामलीला में मंगलवार देर रात और ओसीएफ मैदान पर बुधवार को रावण के पुतले का दहन होगा। दोनों मेलों में बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की संभावना है। इसके मद्देनजर रूट डायवर्जन की व्यवस्था लागू रहेगी। साथ ही निकास और आग बुझाने के इंतजाम समेत आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाने का दावा पुलिस-प्रशासन कर रहा है।
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ग्वालियर और पश्चिम बंगाल में हुए हादसों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेलों और दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए थे। ओसीएफ मैदान में झूलों के साथ बड़ी संख्या में दुकानें लगी हैं। चारों तरफ दुकानें लगने के बावजूद केवल पांच गेट हैं। भीड़ बढ़ने पर इनसे निकलना मुश्किल होता है। दुकानदारों के पास अग्निशमन यंत्र भी नजर नहीं आते। हालांकि, ओसीएफ की दमकल यूनिट की गाड़ियां मैदान पर खड़ी रहती हैं।
खिरनीबाग रामलीला मेला शहर के बीच होने के कारण यहां भी रावण दहन के दौरान बड़ी भीड़ जुटती है। प्रमुख गेट के अलावा एक वैकल्पिक गेट है। जेल की ओर खुले हिस्से में भी झूले लगे हैं। रावण दहन के बाद मैदान से बाहर निकलने में भीड़ को करीब 15 मिनट लग जाते हैं।
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यह रहेगा रूट डायवर्जन
दशहरे पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन लागू किया है। सीओ यातायात रणवीर सिंह ने बताया कि निगोही की ओर से आने वाले वाहन ग्वालटोली, मऊ खालसा की ओर से आने वाले वाहन एनसीसी तिराहा, बंडा, पुवायां और सिंधौली की तरफ से आए वाहन ओसीएफ मस्जिद के पास मैदान पर खड़े कराए जाएंगे। खिरनीबाग रामलीला में अंटा चौराहे की ओर से आने वाले वाहन जेल रोड के पीछे खड़े कराएंगे। हथौड़ा चौराहे से शहर की ओर आने वाली रोडवेज बसों और अन्य भारी वाहनों को दियूरिया मोड़ से रिंग रोड होकर निकाला जाएगा। मछली मार्केट तिराहा व शहबाजनगर तिराहे से शहर की ओर भारी वाहनों का प्रवेश मेला समाप्त होने तक प्रतिबंधित रहेगा।

40 फुट ऊंचे लंकेश, काले और चमकीले कपड़ों में
ओसीएफ और खिरनीबाग रामलीला में रावण के पुतले खड़े करा दिए गए हैं। दोनों जगह रावण के पुतले 40-40 फुट ऊंचे हैं। काले और चमकीले कपड़ों से उन्हें सजाया गया है। पुतलों का निर्माण मोहल्ला गौहरपुरा निवासी जयराम करीब एक महीने से कर रहे थे।
ओसीएफ रामलीला में रावण का चेहरा और सिर करीब आठ फुट का है। काले कपड़ों के साथ पिंक रंग से उसे आकर्षक बनाया गया है। गले के पास चमकीले कपड़े से सजावट की गई है। मेघनाद 35 और कुंभकरण का पुतला 33 फुट का है। खिरनीबाग में रावण 40 और मेघनाद का पुतला 35 फुट ऊंचा है। कमेटी से जुड़े नरेंद्र मिश्रा गुरु ने बताया कि पिछले वर्ष दोनों पुतलों पर करीब 38 हजार रुपये खर्च हुए थे। इस बार बजट में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

ओसीएफ रामलीला मेले के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वॉच टॉवर बनाने के साथ ही पहली बार सड़क के चारों ओर सीसी कैमरे लगाए गए हैं। दुकानदारों को अग्निशमन यंत्र रखने के स्पष्ट निर्देश हैं। मेला कमेटी की टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी।
- बलवीर सिंह, मेला सचिव, ओसीएफ रामलीला

ओसीएफ और खिरनीबाग मैदान पर रोजाना ही एक-एक अग्निशमन विभाग की गाड़ी को खड़ी करा रहे हैं। ओसीएफ मेले में झूला और किचन वाले स्टॉलों में अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। विभाग पूरी तरह से निगरानी बनाए हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है।
-डॉ. बीएन पटेल, जिला अग्निशमन अधिकारी

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूजा पंडालों में बढ़ाई चौकसी
सिटी मजिस्ट्रेट रजनीकांत ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी पूजा पंडालों में व्यवस्थाओं की लगातार जांच की जा रही है। शहर में खिरनीबाग में दो पूजा पंडाल और एक ओसीएफ मंदिर में हैं। पुलिस की ड्यूटी बढ़ा दी गई है। मेलों पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं।

ओसीएफ रामलीला मैदान पर खड़े किए गए रावण, कुम्भकरण व मेघनाद के पुतले। संवाद

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