शाहजहांपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने एक मुकदमे में तीन सगे भाइयों समेत चार दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, खुटार क्षेत्र के गांव रजमना निवासी राजेश कुमार ने खुटार थाने में तहरीर देकर बताया था कि सात नवंबर 2018 की शाम 06:30 बजे उनका 19 वर्षीय बेटा अंकित कुमार अपने घर पर पटाखे छुड़ा रहा था, तभी पड़ोसी खुशीराम, मनसुख उर्फ तोंदी, जगतपाल उर्फ जगदत्त और कमलेश आ गए। उन लोगों ने पुरानी रंजिश के कारण उसके बेटे को पीटना शुरू कर दिया। बड़ा बेटा कौशल मौके पर पहुंचा तो वे लोग जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
वे लोग अपने बेटे को खुटार लाए तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। तहरीर के आधार पर चारों लोगों के खिलाफ आठ नवंबर 2018 को आईपीसी की धारा 302, 506 में रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के बाद आरोप पत्र अदालत भेजा गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील श्रीपाल वर्मा के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्तों को आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी न पाकर धारा 325 के तहत दोषी पाया। अदालत ने कमलेश, खुशीराम, उसके भाई मनसुख और जगतपाल को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।