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Shahjahanpur News: मेडिकल कॉलेज में बाढ़ ने डेरा डाला... इलाज बहा

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राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक भवन के बाहर भरा बाढ़ का पानी। संवाद - फोटो : mathura
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शाहजहांपुर। गर्रा नदी के उफनाने के बाद पानी राजकीय मेडिकल काॅलेज परिसर जलमग्न हो गया है। पानी ट्रॉमा सेंटर व ओपीडी के गेट तक पहुंच गया है। थोड़ा और पानी छोड़े जाने पर भूतल के अंदर पानी प्रवेश कर जाएगा। जलभराव होने के चलते मरीजों की छुट्टी दे दी गई है।
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शुक्रवार की सुबह ही बाढ़ का पानी राजकीय मेडिकल कॉलेज में घुस गया था। इसके बाद मरीजों ने छुट्टी कराना शुरू कर दिया गया। देर रात तक 98 मरीजों को दूसरे तलों पर शिफ्ट कर दिया गया। रात में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तीमारदार दहशत में आ गए।

शनिवार सुबह तीमारदारों ने मरीजों की छुट्टी कराना शुरू कर दी। दोपहर 12 बजे तक वार्डों में चंद मरीज ही रह गए। 12:55 मिनट पर तीसरी मंजिल पर स्थित वार्ड में भर्ती जिला लखीमपुर खीरी के उचौलिया की रेशमा देवी को उनके मरीज व्हीलचेयर से लेकर गए। तीमारदार ने बताया कि रेशमा को गठिया की शिकायत है।
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तीन दिन से भर्ती हैं। जब स्टॉफ ही नहीं आ रहा तो देखभाल कैसे होगी। आईसीयू में भर्ती कांट के औदापुर गांव की धीरज की हालत गंभीर थी। तीमारदारों ने धीरज को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की। बंडा की मुन्नी देवी का ऑपरेशन होना था। बाढ़ को लेकर परिजनों ने मुन्नी देवी की छुट्टी करा ली। मेडिकल कॉलेज परिसर में रहने वाले कर्मचारियों ने भी आवास छोड़ दिए हैं। सामान काे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।


बाढ़ से पूर्व मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे 350 मरीज
बाढ़ आने से पूर्व चार दिन पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब साढ़े तीन सौ मरीज भर्ती थे। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ के पानी के तेज बहाव को देखते हुए शुक्रवार दोपहर प्रथम तल पर भर्ती 98 मरीजों को दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया था। शनिवार को अधिकतर तीमारदार अपने मरीजों को डिस्चार्ज करा ले गए। पांच मरीजों का शनिवार को ऑपरेशन भी किया गया। कुछ मरीजों को ऑपरेशन की आगे की तारीख दे दी गईं हैं। 15-20 गंभीर मरीजों को भावलखेड़ा सीएचसी व वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करा दिया गया है। सभी वार्ड लगभग खाली हो गए हैं।
उपकेंद्र तक तक पहुंचा पानी
डैम नहर के कटान के कारण बाढ़ का पानी पीछे की ओर से मेडिकल काॅलेज परिसर में तेजी से प्रवेश कर रहा है। विद्युत उपकेंद्र तक पानी पहुंच चुका है। अंदर घुसा तो परेशानी बढ़ जाएगी। तब बिजली आपूर्ति भी ठप करना पड़ेगी।


ओपीडी में 745 मरीजों को देखा गया

राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में पानी भरने के बाद ओपीडी को दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया था। शनिवार को दोपहर 12 बजे तक 745 मरीजों की ओपीडी हुई। आम दिनों में ओपीडी में 15 सौ पर्चे बनते हैं।


भावलखेड़ा सीएचसी पर शुरू हुईं 24 घंटे आकस्मिक सेवा

राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाढ़ का पानी आने के बाद सभी सेवाएं ठप हो गईं हैं। इसके चलते भावलखेड़ा सीएचसी पर 24 घंटे आकस्मिक सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर मरीजों को भावलखेड़ा सीएचसी पर शिफ्ट कर दिया गया है। कुछ मरीजों को वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में भी शिफ्ट किया गया है। सीएमओ डाॅ. विवेक मिश्रा ने बताया कि भावलखेड़ा सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा शुरू हो गईं है। अग्रिम आदेशों तक तात्कालिक प्रभाव से संचालित की जाएंगी। किसी भी चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टॉफ व अन्य कर्मियों को अनिवार्य स्थिति को छोड़कर अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।



बाढ़ के हालात देख छुट्टी कर दी गईं बंद

बाढ़ के दृष्टिगत सीएमओ ने पत्र जारी कर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में राहत सुविधा के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। निर्देशित किया कि अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहें। अपरिहार्यता के अतिरिक्त किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।


गंभीर मरीजों को दूसरे चिकित्सालयों में शिफ्ट करा दिया गया है। स्वस्थ मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। भावलखेड़ा सीएचसी पर शुरू हुई आकस्मिक सेवा में ईएमओ की ड्यूटी लगा दी गई है।
- डाॅ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज

राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक भवन के बाहर भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : mathura

राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक भवन के बाहर भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : mathura

राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक भवन के बाहर भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : mathura

राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक भवन के बाहर भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : mathura

राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक भवन के बाहर भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : mathura

राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक भवन के बाहर भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : mathura

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