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Shahjahanpur: हाईवे से कम हुआ बाढ़ का पानी, कॉलोनियों में दुश्वारियां बरकरार, सोमवार को 12वीं तक के स्कूल बंद

Sun, 07 Sep 2025 09:42 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर

सार

नदियों के आसपास की कॉलोनियों में पानी भरा हुआ है। इससे आम लोगों की दिक्कतें कम नहीं हुईं हैं। कई लोग बाढ़ शरणालय में रह रहे हैं। रविवार को पानी कम होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज की साफ-सफाई कराई गई।
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बाढ़ का भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर में नदियों का जलस्तर कम होने से बाढ़ से थोड़ी राहत मिली है। रविवार को लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर पानी काफी कम हो गया। पानी अब हाईवे पार नहीं कर रहा है। पानी किनारों पर भरा हुआ है। गर्रा नदी का जलस्तर 10 सेमी कम हो गया है, जबकि खन्नौत नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। दोनों नदियां अभी खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं हैं। 

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नदियों के आसपास की कॉलोनियों में पानी भरा हुआ है। इससे आम लोगों की दिक्कतें कम नहीं हुईं हैं। कई लोग बाढ़ शरणालय में रह रहे हैं। रविवार को पानी कम होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज की साफ-सफाई कराई गई। संभावना है कि सोमवार से ओपीडी शुरू हो जाएगी। ट्रामा सेंटर के सामने पानी भरा होने के कारण एक-दो दिन बाद वहां पर भी इलाज शुरू हो जाएगा। 

बाढ़ के चलते स्कूलों में आज रहेगा अवकाश
जिले में नदियों का जलस्तर अत्यधिक बढ़ा होने के कारण विद्यालय बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। इन स्थितियों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों में आवागमन प्रभावित है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने आदेश जारी किया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर कक्षा एक से 12वीं तक के नगर और ग्रामीण क्षेत्र के समस्त बोर्ड के विद्यालयों में सोमवार को अवकाश रहेगा। साथ ही जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं के आवास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हैं, वे अपने सक्षम स्तर के अधिकारी से विशेष अवकाश प्राप्त कर सकते हैं। 
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गर्रा में बाढ़ से कई गांवों में सैकड़ों बीघा फसलें हुईं बर्बाद
गर्रा नदी में आई बाढ़ से तटवर्ती गांवों में रविवार को दिन भर जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। पानी घटने के साथ ही सैकड़ों बीघा फसलों की बरबादी का मंजर भी दिखने लगा है। गर्रा के किनारे बसे घनश्यामपुर, आजमाबाद, बिहारीपुर, रटा, जिकरीपुर, रटी, धन्यौरा आदि गांवों में फसलों को व्यापक क्षति हुई है। रविवार को निगोही मार्ग और नगरिया पुलिस चौकी से निकले रिंग रोड पर पानी कम हो जाने से इन मार्गों पर आवागमन शुरू हो गया, लेकिन गांवों में हालात जस के तस बने हैं। 

रटा गांव के मैकूलाल, बृज किशोर आदि ने बताया कि पहले भी फसलें बाढ़ में डूब चुकी हैं। अब दोबारा बाढ़ से फिर डूबी फसलों को बचाए रखना संभव नहीं रहा। एसडीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का राजस्व टीम से जल्द सर्वे कराके मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

रामगंगा में दोबारा आई बाढ़ से ऊंचाई वाले गांव भी चौतरफा घिरे
जलालाबाद क्षेत्र में रामगंगा में दोबारा आई बाढ़ से खंडहर क्षेत्र में ऊंचाई पर बसे वे गांव भी चौतरफा पानी से घिर गए हैं, जो गत माह और पिछले वर्ष आई बाढ़ से सुरक्षित बचे रहे। हालांकि, रविवार सुबह से रामगंगा में पानी बढ़ना रुक गया, लेकिन बाढ़ को लेकर प्रभावित गांवों के लोगों की दिक्कतें कम नहीं हो पाईं।

रामगंगा और बहगुल के तटीय गांवों में दूर-दूर तक सिर्फ पानी नजर आ रहा है। इसलिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बंद होने से दिन ढलते ही अंधेरा होने से ग्रामीण परेशान हैं। बाढ़ प्रभावित हथिनापुर गांव के ईशपाल, प्रेमनाथ, ईश्वर दयाल आदि के अनुसार बीते बुधवार से शनिवार रात तक पानी बढ़ता रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी गांवों की आबादी के अंदर नहीं पहुंचा, लेकिन लगातार चार दिन तक पानी बढ़ने से मौजूदा हालात गत माह आई बाढ़ से ज्यादा खराब हैं। उन्होंने बताया कि इस बार पानी ऊंचाई वाले उन स्थानों तक पहुंच गया, जहां इससे पहले नहीं पहुंचा था। इस कारण फसलों के जलमग्न होने का दायरा भी बढ़ गया है।

खंडहर क्षेत्र में ऊंचाई पर बसे हथिनापुर समेत शाहपुर, बलदेवपुर, शेरपुर चुरघुटी, नौगवां, तेरा हार और जाटव मड़ैया पानी से घिर गए हैं। इस सभी गांवों के संपर्क मार्ग करीब दो फुट पानी में डूबे हैं, लेकिन ग्रामीण तेजी से बह रहे पानी से होकर निकलने के लिए मजबूर हैं क्योंकि वहां नाव उपलब्ध नहीं कराई गई है।

तेरा हार गांव के सुधीर, अल्ताफ, श्रवण आदि ने बताया कि पिछले कई वर्षों में आई बाढ़ के दौरान इन गांवों तक पानी नहीं पहुंचा था। उन्होंने बताया कि जो फसलें पहले भी कई दिन बाढ़ में जलमग्न रहने के बाद किसी तरह बचीं, वे फिर से डूब जाने से उनके नष्ट होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने खंडहर क्षेत्र के गांवों के लिए अलग से नाव सुलभ कराने की प्रशासन से मांग की है।

आजादनगर में घुसा गंगा का पानी, तेज बहाव से कटे कई गांवों के संपर्क मार्ग
मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा में आई बाढ़ से तटवर्ती गांवों के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। आजादनगर में पानी घुसने लगा है और कटरी में बसे लुहारनगला समेत कई गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ के तेज बहाव में कट गए हैं। तमाम रास्तों पर पानी भरा होने से आवागमन ठप है। ग्रामीण मौसमी रोगों और पशुओं के चारे को लेकर परेशान हैं, लेकिन वहां प्रशासन की ओर से प्रभावितों की सुध लेने अब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।

लुहार नगला के प्रेमदत्त ने बताया कि उनके गांव की तरफ आने वाले दो रास्ते हैं। इनमें मुख्य संपर्क मार्ग बाढ़ से कट चुका है और दूसरे रास्ते पर कई फुट पानी भरा हुआ है। आजादनगर के अमन, जाबिर, नाजिम, इशहाक आदि के अनुसार बाढ़ ने गांव के सभी रास्ते बंद कर दिए और अब पानी तेजी से गांव में घुस रहा है। बाढ़ का चारों तरफ कब्जा होने से खेतों में फसलें डूबी हुई हैं। पशु बीमार हो रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो दवाएं मिल रही हैं और न ही चारे का बंदोबस्त हो रहा है। बाढ़ ने तमाम गांवों के स्कूलों को भी अपनी चपेट में ले रखा है।

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