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Shahjahanpur News: लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर पानी दौड़ा, वाहन रेंगे

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अजीजगंज ​स्थित मोछधाम में घुसा गर्रा नदी का बाढ़ का पानी। संवाद
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शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदिया उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। शनिवार की सुबह दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी पहुंच गया इसके चलते वाहनों को धीमी गति से गुजारा गया। इसके अतिरिक्त दोनों नदियों के किनारे बसी कॉलोनियों में भी पानी भर गया। गर्रा नदी खतरे के निशान से 40 सेमी और खन्नौत नदी 30 सेमी ऊपर बह रही है। गर्रा नदी में दियूनी बैराज में और पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर और बढ़ने का अनुमान है।
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सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, गर्रा नदी का वर्तमान में जलस्तर 149.200 मीटरगेज है, जबकि गर्रा नदी के पुल पर खतरे का निशान 148.800 मीटरगेज है। गर्रा नदी खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रही है। शनिवार को गर्रा नदी का जलस्तर 30 सेमी बढ़ा है। खन्नौत नदी का वर्तमान में जलस्तर 146.050 मीटरगेज है, जबकि खतरे का निशान 145.750 मीटरगेज है।
खन्नौत नदी खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर बह रही है। खन्नौत नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। गर्रा नदी में शनिवार को 14720 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जलस्तर और बढ़ने का अनुमान है। गंगा नदी का जलस्तर भैसार ढाईघाट पर खतरे के निशान 143.650 मीटरगेज के सापेक्ष 144.500 मीटरगेज है, जो कि 15 सेमी नीचे है। नरौरा बैराज से गंगा नदी में 213308 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी का जलस्तर डबरी घाट पर खतरे के निशान 137.300 मीटरगेज के सापेक्ष 137.430 मीटरगेज है, जो कि 13 सेमी ऊपर है।
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दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन बाधित
शनिवार सुबह गर्रा नदी का पानी दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गया। करीब दो फुट पानी काफी तेज गति से हाईवे पर चल रहा है। इसकी वजह से दो पहिया वाहन चालकों का निकलना मुश्किल हो गया है। चार पहिया वाहन भी रेंग के निकल रहे हैं। ऐसी स्थिति में जाम की समस्या बनी हुई है। ऑटो, टेंपो आदि वाहन हाईवे पर चलना बंद हो गए है। यही वजह रही कि प्रारंभिक पात्रता परीक्षा देने आए अभ्यर्थियाें को जयपुरिया स्थित सेंटर जाना मुश्किल हो गया। परीक्षा छूटने के बाद उनको बरेली मोड़ तक पैदल ही आना पड़ा। बरेली मोड़ से पहले इनकम टैक्स कार्यालय के पास पानी का तेज गति से बह रहा है। इनकम टैक्स कार्यालय में भी पानी घुस गया है। दोपहर बाद पीएसी और एसडीआरएफ की टीम को तैनात कर दिया गया है। हाईवे पर पानी आने की वजह से लोगों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। हाईवे किनारे बने ढाबा और होटलों में पानी भर गया है। शाम तक हाईवे बंद नहीं किया था। रात में पानी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालात पिछले वर्ष जुलाई में आई बाढ़ जैसे हो रहे हैं। हाईवे पर गुजरने वाले कई दो पहिया वाहन चालक तेज बहाव की वजह से पानी में गिर भी गए। आसपास के लोगों ने मदद करके उनको उठाया। पानी तेजी से बढ़ रहा है। इससे सड़क कटने की भी आशंका है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर भी पानी भर गया है। सड़क पर पानी तेज बहाव के साथ बहने लगा है। देर शाम तक बरेली-मोड़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज तक पानी दो से तीन फुट पहुंचने का अनुमान है।

बरेली मोड़ के आसपास कॉलोनियों में पहुंचा पानी, लोगों की बढ़ी धड़कनें
गर्रा नदी का पानी आवास विकास कॉलोनी, कांशीराम कॉलोनी और नदी के आसपास बनी अन्य कॉलोनियों में घुस गया। लोग यहां से विस्थापित होने लगे हैं। यहां रहने वाले लोग अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को नाव और स्टीमर के माध्यम से सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। कांशीराम कॉलोनी में करीब तीन फुट पानी चल रहा है। आवास विकास कॉलोनी में अभी पानी कम है, लेकिन रात तक और पानी पहुंचने का अनुमान है। यही हाल सुभाष नगर कॉलोनी का है। यहां पर काफी लोगों ने मकान की दूसरी मंजिल पर शरण ले ली है। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। नाव की मदद से लोगों को समाजसेवी लोग राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। मोहल्ला सिंजई में नाले से पानी ने बैक मार दिया है। इससे सिंजई मोहल्ला में लोगों के घरों में पानी भर गया है। लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं। कुछ लोग अपने मकानों पर ताला डालकर रिश्तेदारियों में चले गए हैं।

लोधीपुर कॉलोनी में भी लोगों के घरों में घुसने लगा पानी
लोधीपुर में खन्नौत नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों की कॉलोनियों के घरों में पानी घुसने लगा है। काफी परिवार यहां से विस्थापित हो चुके हैं। लोगों ने अपना सामान सुरक्षित करने के लिए घरों की छतों पर पहुंचा दिया है। नदी किनारे बने दर्जनों घर जलमग्न हो गए हैं। लोग जरूरी सामान को घर से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा हैं। यहां के लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से मदद नहीं मिल रही है। मकानों पर ताला डालने से रात में चोरी का खतरा है। पानी भरने पर सामान को भी बचाना मुश्किल हो जाएगा। वहीं रेती रोड, मोहल्ला ख्वाजा फिरोज लौका आदि क्षेत्रों में भी पानी पहुंच गया है। इसके साथ ही अब्दुल्लागंज में निचले इलाकों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। यहां पर भी लोग विस्थापन के लिए मजबूर हैं।

गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। शहर के आठ मोहल्ले और करीब 200 लोगों की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ राहत शिविरों में लोगों को पहुंचाया जा रहा है। टीमें लगातार निगरानी कर रहीं हैं।
- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

अजीजगंज स्थित मोछधाम में घुसा गर्रा नदी का बाढ़ का पानी। संवाद

अजीजगंज स्थित मोछधाम में घुसा गर्रा नदी का बाढ़ का पानी। संवाद

अजीजगंज स्थित मोछधाम में घुसा गर्रा नदी का बाढ़ का पानी। संवाद

अजीजगंज स्थित मोछधाम में घुसा गर्रा नदी का बाढ़ का पानी। संवाद

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