शाहजहांपुर। एसओजी व थाना खुदागंज की पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान लूट व चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग का खुलासा करते हुए पांच लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से नकदी, लूट में प्रयुक्त बाइक, अवैध असलहे भी बरामद किया है।
निगोही थाना क्षेत्र के गांव विक्रमपुर चकौरा निवासी लालाराम से 18 जून को तीन बाइक सवार बदमाशों ने 26,300 रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद लुटेरों की तलाश शुरू की। एसपी ने पुलिस के साथ एसओजी को भी लगाया। शनिवार रात मुखबिर ने देवहा नदी के आगे बने देवस्थान के पास पांच संदिग्ध लोगों की सूचना दी। पुलिस पहुंची तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने घेराबंदी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 20,700 रुपये, घटना में इस्तेमाल बाइक, लूट पीड़ित का आधार कार्ड, अवैध असलाह और बरेली के थाना कैंट से चोरी बाइक भी बरामद की।
एसपी एस. आनंद ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में निगोही के विक्रमपुर चकौरा निवासी सुमित, गांव महोलिया निवासी हर्ष उर्फ दीपू सिंह, कुका महमूदपुर निवासी अजय सिंह, थाना सदर बाजार की शांतिपुरम कॉलोनी निवासी नदीम व मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार किया। अभियुक्तों ने बताया कि सुमित के गांव निवासी लालाराम खुदागंज निवासी रामकुमार चौहान के रुपयों का लेनदेन का काम देखते हैं। सुमित ने रामकुमार से 15 हजार रुपये लालाराम के माध्यम से लिए थे। उसी समय हर्षदीप के साथ मिलकर लालाराम को लूटने की योजना बनाई थी। हर्ष व सुमित के कहने पर अजय सिंह ने आरिफ व नदीम को बुला लिया था। हर्ष व सुमित ने लालाराम के गांव से निकलते ही फोन से तीनों को सूचना दी। तीनों आसानी से वारदात को अंजाम देकर भाग गए थे।
पुलिस ने छापे में पकड़ी अवैध शस्त्र फैक्टरी
एसओजी व पुलिस ने पांचों लुटेरों से असलाह देने वालों के बारे में पूछताछ की। फिर अभियुक्तों ने निगोही के बरीलाल निवासी संजीव के बारे में जानकारी दी। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि निगोही पुलिस ने पड़ताल के बाद एसओजी के साथ दबिश दी। दबिश में संजीव अपने घर में अवैध रूप से शस्त्र बनाते पकड़ा गया। संजीव ने कुबूल किया कि खुदागंज क्षेत्र में पकड़े गए लुटेरों को उसने ही तमंचे बेचे थे। संजीव के मुताबिक उसका रिश्ते का चाचा तमंचे बनाने का काम करता था। चाचा की मौत होने पर संजीव खुद ही तमंचा बनाकर पांच हजार रुपये में बिक्री करने लगा था।