शाहजहांपुर। दीपावली पर सोमवार को खूब पटाखे जलाए गए। पटाखों के धुएं से शहर में प्रदूषण का लेवल बढ़ गया। इस वर्ष एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) औसतन 268 रहा। जो पिछले तीन सालों में अधिक है। विशेषज्ञ के अनुसार, यह सेहत के लिए काफी खराब है।
इस वर्ष दीपावली पर खूब पटाखे जलाए गए। आधी रात के बाद तक आतिशबाजी का सिलसिला जारी रहा। वायु और जल प्रदूषण पर शोध कर रहे एसएस कॉलेज के रसायन विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ.आलोक कुमार सिंह ने बताया कि अक्तूबर महीने में औसतन एक्यूआई 70 था। इस महीने 130 के करीब आ गया। दीपावली की रात पटाखों के छूटने के चलते एक्यूआई में काफी उछाल आया है।
चौक क्षेत्र में दोपहर दो से तीन के बीच 123 एक्यूआई था। रात में 11 से 12 के बीच औसतन 268 तक पहुंच गया। इन इलाकों में शहर की अपेक्षा सबसे ज्यादा एक्यूआई रिकाॅर्ड किया गया। इसी तरह घंटाघर पर दिन में 118 एक्यूआई था। रात में आतिशबाजी के धुएं के कारण ये 236 तक पहुंच गया। सदर बाजार क्षेत्र में भी खूब पटाखे जलाए गए। दिन में जहां एक्यूआई 127 था। रात में 256 पहुंच गया। मौसम साफ होने के कारण धुंध नहीं छाई।
पिछले वर्षों में एक्यूआई
2018 454
2019 440
2020 447
2021 378
2022 387
2023 244
2024 240
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक इस प्रकार है
0- 50 अच्छा (हरा कोई नहीं)
51- 100 संतोषजनक
101- 200 संवेदनशील- (पीला- सांस रोगियों को परेशानी)
201- 300 खराब (नारंगी सामान्य लोगों को भी सांस संबंधी समस्या)
301- 400 अत्यंत खराब (लाल सांस रोगी की आशंका, अस्थमा की आशंका)
400+ खतरनाक गहरा लाल (सामान्य और सांस रोगी दोनों के लिए घातक)
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हवाओं की दिशा के साथ तापमान में गिरावट भी वायु प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करती है। जैसे-जैसे तापमान में गिरावट आती है, धरातल के नजदीक ठंडी वायु और ऊपर की ओर गर्म वायु की एक परत बन जाती है, जिससे प्रदूषक वायुमंडल की ऊपरी परत में विस्तारित नहीं हो पाते हैं। ऐसा होने पर वायु में प्रदूषकों की सांद्रता बढ़ जाती है।
- डॉ.आलोक सिंह, विभागाध्यक्ष-रसायन
पांच करोड़ रुपये के पटाखों की बिक्री का अनुमान
दीपावली के मौके पर करीब पांच करोड़ रुपये की पटाखों की बिक्री का अनुमान है। ओसीएफ रामलीला मैदान पर 90 दुकानें लगीं। सोमवार की रात पटाखे खरीदने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। आतिशबाजी विक्रेता वेदप्रकाश गुप्ता बताते हैं कि नगर में तीन और जिले में 18 लाइसेंसी आतिशबाजी विक्रेता है। फुटकर विक्रेताओं ने शाहजहांपुर के अलावा लखनऊ, बरेली और फरीदपुर से भी पटाखों को खरीदा था। ऐसे में पांच करोड़ रुपये के पटाखे बिकने का अनुमान है।
डॉ.आलोक सिंह। स्रोत: स्वयं