शाहजहांपुर। पटाखों को छोड़ते या रोशनी करते समय अक्सर लोग आग की चपेट में आ जाते हैं। दीपावली पर ऐसे हादसे होने की आशंका के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग और अग्निमशन विभाग ने कमर कस ली है। दोनों ही विभाग त्योहार पर सतर्क रहेंगे।
दीपावली पर आग लगने और लोगों के झुलसने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। साथ ही त्वचा, आंख और कान के मरीजों की संख्या भी बढ़ती है। हादसा होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने व्यवस्था पूरी कर ली है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में बर्न सर्जन एक भी नहीं है। सर्जिकल सर्जन डॉ. विभोर जैन को दीपावली पर पटाखों से होने वाले हादसों में आने वालों के इलाज की जिम्मेदारी है।
मरीजों के राजकीय मेडिकल कालेज के इमर्जेंसी वार्ड में दस बेड की व्यवस्था की गई है। हालांकि मरीजों की संख्या बढ़ जाती है तो उसे हिसाब से और बेडों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि तीन सीनियर रेजीडेंट (एसआर) दो जूनियर रेजीडेंट (जेआर) और अन्य स्टाफ को दीपावली पर पटाखों से होने वालेे हादसों को लेकर अलर्ट कर दिया है।
अभिभावक अपने सामने बच्चों से छुड़वाएं पटाखे
दीपावाली पर बच्चों में आतिशबाजी का विशेष उत्साह रहता है। पटाखे छोड़ते समय सबसे ज्यादा आग लगने की घटनाएं होती हैं। लोग भी झुलस जाते हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी रेहान अली ने बताया कि रोड पर पटाखें न छोड़ें, किसी भी रास्ते पर पटाखों को छोड़ने से बचें। अभिभावक अपनी मौजूदगी में बच्चों से पटाखें छुड़वाएं, जहां पर पटाखें छोड़ें वहां पर बाल्टी या ड्रम में पानी की व्यवस्था जरूर कर लें।
पटाखे छोड़ते समय ढीले कपड़े न पहनें। उन्होंने बताया कि दमकल विभाग के सभी स्टाफकर्मियों को अलर्ट कर दिया है। किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तत्काल उसका संज्ञान लेकर कार्रवाई करें। जरूरत पड़ने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर- 112 या सीयूजी नंबर 9454418523 पर कॉल कर सकते हैं।