पुवायां। पुवायां में पूर्व में तैनात रहे तहसीलदार अरूण सोनकर के खिलाफ वर्तमान तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। 30 जून को डीएम ने रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था, लेकिन पांच दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं होने से सवाल उठ रहे थे। इसके बाद पांच जुलाई की रात 11 बजे रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
वर्तमान तहसीलदार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह 29 अप्रैल से पुवायां में तहसीलदार हैं, उनसे पूर्व अरूण सोनकर तहसीलदार थे। अरूण सोनकर के कार्यकाल की 12 पत्रावलियों की जांच डीएम ने एडीएम न्यायिक से कराई थी।
एडीएम को जांच में 12 पत्रावलियों के फर्देअहकाम आदेशों में पक्षों को इश्तेहार जारी किया जाना, इश्तेहार के बाद तामीला वापस लाने और शपथपत्र अपूर्ण होने के कारण नामांतरण प्रसूचना निरस्त किए जाने का आदेश मिला, लेकिन पत्रावलियों में किसी भी पक्षकार को जारी इश्तेहार संलग्न नहीं था।
पत्रावलियों में पुर्नस्थापन प्रार्थनापत्र संलग्न थे, जिन पर तहसीलदार की ओर से स्वीकृत होने के आदेश पर हस्ताक्षर बिना दिनांक के थे। पत्रावलियों में पक्षकारों से बिना शपथपत्र प्राप्त किए और बिना बारकोड के सामान्य पेपर पर टाइपशुदा आदेश को बिना दिनांक के पारित कर बैनामों में नामांतरण किया गया।
अरूण सोनकर ने तबादले के बाद दिनांक और बारकोड के बिना हस्ताक्षर कर आदेश किए गए हैं। पत्रावलियों के निस्तारण में मनमाना कार्य करते हुए अनियमितता बरती हैं। तत्कालीन तहसीलदार अरुण कुमार सोनकर ने तबादले के बाद बैक डेट में आदेश किए हैं, वह पद के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
लोकसेवक होते हुए भी जो आचरण करना था उसकी अवज्ञा की गई है। थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।