खुले में हो रहा मरीजों का उपचार
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अफसरों को नहीं है जानकारी
खुले में मच्छरों और गंदगी के बीच इस तरह से बुखार पीड़ितों का इलाज किए जाने की खबर विभागीय अफसरों को नहीं है। यहां कोई क्लीनिक पंजीकृत है या नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं है। मेडिकल स्टोर की जांच के बारे में कोई अफसर बता नहीं सका।
पुवायां के सीएचसी अधीक्षक डॉ. नरेंद्र पाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं टीकाकरण के प्रशिक्षण में बरेली आया हूं। वापस आकर मामले को दिखवाऊंगा। यदि क्लीनिक गलत तरीके से चल रहा है तो कार्रवाई कराई जाएगी।
रविवार को अवकाश के चलते सोमवार को ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। ओपीडी में 1321 नए पर्चों पर मरीजों ने उपचार कराया। पुराने पर्चों पर भी बड़ी संख्या में मरीजों ने डॉक्टर को दिखाकर परामर्श लिया। इसी तरह ट्रॉमा सेंटर में एक-एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटाकर उपचार किया गया।
जहां बेड कम पड़ गए वहां मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाकर उपचार किया गया। इतनी खराब हालात होने के चलते संपन्न परिवार के तीमारदार मरीजों को निजी अस्पताल में ले जाने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर मरीजों को बेड तक मिलना मुश्किल हो रहा है। वार्डों में अतिरिक्त बेड डलवाने के बाद भी मरीजों को बेड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।