शाहजहांपुर। बाढ़ की चपेट में आए गांवों के लोग बुखार और त्वचा रोग से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें रोजाना शिविर लगाकर लोगों का मेडिकल परीक्षण कर उन्हें दवा उपलब्ध करा रहीं हैं। पिछले दो हफ्तों में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में लगे मेडिकल शिविरों में 1331 से अधिक लोगों का परीक्षण किया गया हैं। इनमें बुखार के करीब 446 मरीज मिले हैं।
बाढ़ की वजह से मिर्जापुर, कलान, जलालाबाद व परौर क्षेत्र के लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। 56 बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं। निगरानी टीमें रोजाना बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में जा रहीं हैं। बुखार की सूचना के आधार पर प्रतिदिन गांवों में जाकर स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। जांच कर बुखार पीड़ितों को दवा दी जा रही है।
साथ ही डेंगू व मलेरिया की भी जांच की जा रही है। हालांकि अब तक डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। बाढ़ की स्थिति हर साल बनती है। बाढ़ से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। बाढ़ का पानी सूख जाने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी फैलने का खतरा अधिक हो जाता है।
सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा ने बताया कि प्रतिदिन टीमों द्वारा शिविर लगाकर मरीजों को दवा दी जा रही है। सीएचसी-पीएचसी को भी अलर्ट कर दिया है।
मलेरिया के लक्षण
मलेरिया के लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं। बुखार और पसीना आना, ऐसी ठंड लगना जो पूरे शरीर को कंपकपा दे, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द, थकान, सीने में दर्द , सांस लेने में दिक्कत और खांसी, दस्त, मितली और उल्टी। डाॅक्टर की सलाह से दवा लें ताकि समय रहते उपचार किया जा सके।
बीमारियों से बचाव के उपाय।
- भोजन करते समय पूर्ण स्वच्छता बनाए रखें।
- भोजन करने से पहले हाथ अच्छी तरह हाथ धोएं।
- खाद्य पदार्थों को ढककर रखें।
- आसपास के इलाकों में पानी जमा न होने दें।
- मच्छरों से बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।