निगोही (शाहजहांपुर)। गन्ने के बकाया भुगतान और घटतौली को लेकर मंगलवार को किसानों ने जमकर हंगामा किया। निगोही चीनी मिल गेट पर प्रदर्शन के बाद करीब एक घंटे शाहजहांपुर-बीसलपुर रोड जाम रखा। कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो मिल के अंदर घुसकर गन्ने भरी ट्रालियां रोक दीं, जिसको लेकर किसानों और चीनी मिल के जीएम से तीखी नोकझोंक हुई। बाद में सूचना पर पुलिस पहुंची और जाम में फंसे वाहनों को डायवर्ट करके निकाला।
निगोही स्थित डालमिया चीनी मिल में नया पेराई सत्र शुरू हो गया, लेकिन पिछले वर्ष के गन्ने का भुगतान अभी बकाया है। मंगलवार सुबह करीब दस बजे दर्जनों की संख्या में इलाके के किसान और युवक निगोही चीनी मिल गेट पर जुटे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन करने वाले गन्ने बकाया का ब्याज सहित भुगतान करने, घटतौली रोकने, किसानों के लिए शौचालय, ठहरने, कैंटीन और ठंड से बचाव की व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन के दौरान कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो किसानों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने शाहजहांपुर-पीलीभीत रोड पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे रोड जाम रखने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शन करने वाले रोड से उठकर मिल परिसर के अंदर घुस गए और हंगामा करते हुए गन्ने भरी ट्रालियों को रोक दिया। सुरक्षा कर्मियों के काफी देर समझाने पर किसान नहीं माने तो चीनी मिल के जीएम आशीष त्रिपाठी मौके पर गए। जहां बातचीत के दौरान किसानों और मिल के जीएम के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
बातचीत के बाद किसानों ने 12 सूत्री मांगों को लेकर मिल के जीएम को ज्ञापन दिया। साथ ही चेतावनी दी कि 25 दिन में गन्ना किसानों की समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो फिर उग्र आंदोलन किया जाएगा। अपराह्न करीब दो बजे किसान शांत होकर चले गए। प्रदर्शन करने वालों में सुमित भदौरिया, विकास त्रिपाठी, अर्पित वर्मा, सुधांशु विश्वकर्मा, अभिषेक मिश्रा, अंशुल चौहान, बबलू सिंह आदि रहे।