खुटार। हाईवे के लिए अधिग्रहीत जमीन का तमाम किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। सोमवार को खुटार में बाईपास पर काम करने पहुंची मशीनों को किसानों ने रोक लिया और कहा कि मुआवजा मिलने पर ही काम करने दिया जाएगा।
हाईवे को शाहजहांपुर से खुटार तक दस मीटर चौड़ा किया जाना है। पुवायां और खुटार में बाईपास बनना है। ठेकेदार सबसे पहले बाईपास पर ही काम करा रहे हैं। मुख्य हाईवे पर भी कई स्थानों पर खोदाई कर पत्थर डाले गए हैं। बाईपास पर काम शुरू होने के बाद भी तमाम किसान मुआवजे से वंचित हैं। पहले भी किसानों ने आपत्ति करते हुए मुआवजा दिए जाने की मांग की थी लेकिन कई किसानों को नहीं मिल सका।
सोमवार को ठेकेदार और एनएचएआई के कर्मचारी मशीनें लेकर पहुंचे तो किसानों ने काम रुकवा दिया। किसानों ने कहा कि पहले मुआवजा दिया जाए, इसके बाद ही काम करने दिया जाएगा। व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष गुरुसेवक सिंह ने बताया कि उनकी जमीन हाईवे के लिए ली गई है। कई बार मुआवजे के लिए कहने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
हाईवे के लिए भी तमाम लोगों को नहीं मिला मुआवजा
हाईवे पर जिन किसानों के खेत जा रहे हैं, उनमें कई को मुआवजा नहीं मिल सका है। सिंधौली, कोरोंकुइयां, गंगसरा, रामपुर कलां आदि गांव के लोगों की दुकानें और घरों पर भी निशान लगाए गए हैं और लोगों को बताया गया है कि निशान लगाने तक की जगह हाईवे के लिए ली गई है, लेकिन तमाम लोग मुआवजे से वंचित हैं।
लेखपालों ने नहीं भेजी रिपोर्ट
मुआवजे के कुछ मामलों में लेखपालों ने अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को नहीं दी है, इस कारण पेच फंसा हुआ है। किसानों ने एनएचएआई के अधिकारियों समेत एसडीएम से भी मामले की शिकायत की है।
मामले की जानकारी नहीं है। अगर किसी किसान को शिकायत है तो वह आकर मिलें। उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। - डॉ. वीपी मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट शाहजहांपुर