फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान खरीद में धांधली का आरोप लगाकर जाम लगाने की कोशिश

विज्ञापन
बंडा मंडी में एडीएम को धान खरीद में सेंटर प्रभारियों की मनमानी के बारे में बताते किसान - फोटो : POWAYAN
विज्ञापन
बंडा। धान खरीद में धांधली का आरोप लगाते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने बंडा मंडी गेट के सामने जाम लगाने की कोशिश की। अधिकारियों को एक सेंटर प्रभारी के खिलाफ धान खरीद में धांधली के साक्ष्य भी दिए, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ फटकार लगाकर पल्ला झाड़ लिया।
विज्ञापन

धान खरीद शुरू हुए 18 दिन बीत जाने के बाद भी खानापूर्ति की जा रही है। इससे नाराज भाकियू चढूनी गुट के नेता कई दिन से मंडी परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बंडा के मुख्य चौराहे पर जाम लगाने की तैयारी कर रहे थे, तभी एडीएम वित्त एवं राजस्व गिरजेश चौधरी, एसडीएम सतीश चंद्रा, डिप्टी आरएमओ कमलेश कुमार पांडे, सीओ बीएस वीर कुमार मंडी पहुंचे तो किसानों ने अधिकारियों को मंडी गेट पर ही रोक लिया और बंडा पूरनपुर हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश की।
एसडीएम सतीश चंद्रा ने किसानों को समझाकर शांत किया और किसानों और अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में किसान 15 दिनों से ज्यादा समय से धान लिए पड़े हैं और टोकन होने के बाद भी उनके धान की तौल नहीं की जा रही है। जबकि बिचौलियों का धान किसानों के निरस्त टोकन पर ही तौला जा रहा है।
विज्ञापन

किसानों ने मांग रखी कि प्रत्येक केंद्र पर 50 क्विंटल की तौल को बढ़ाकर 100 क्विंटल की जानी चाहिए। एडीएम ने किसानों को बताया कि एक सेंटर पर प्रतिदिन 300 क्विंटल धान तौलने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है। 50 क्विंटल की तौल बढ़ाकर 100 क्विंटल करने की मांग पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने मंडी में सेंटरों का निरीक्षण कर प्रभारियों को निर्देश दिए कि धान की खरीद पारदर्शी तरीके से की जाए।
मैं 18 दिन पहले धान लेकर बंडा मंडी आया था। छह अक्टूबर का टोकन था। टोकन को निरस्त कर दिया है और अब तक धान की तौल नहीं कराई गई है। कोई सुनवाई करने को तैयार नहीं है।
सुखविंदर सिंह, निवासी कढ़ैर चौरा बंडा
मैं 15 दिन पहले धान लेकर आया था। अभी तक तौल नहीं हो सकी है। किसान टोकन सिस्टम से परेशान है। टोकन निरस्त कर दिया जाता है और 15 दिन बाद दूसरा टोकन कराने को कहा जाता है।
विज्ञापन

हरजिंदर सिंह, निवासी दौलतपुर महोलिया बंडा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें