जय-जयराम का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
शाहजहांपुर। तिलहर थाना क्षेत्र के गोबरसंडा गांव निवासी जय-जयराम (40) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सोमवार सुबह उनका शव खेत पर ट्यूबवेल की बनी मड़ैया में पड़ा मिला। मौके के हालात को देखते हुए करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है।
मृतक के भाई रामबरन ने बताया कि भाई जय-जयराम मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। रविवार शाम करीब पांच बजे भाई किसी काम से घर से निकले थे। थोड़ी देर बाद बारिश होने लगी तो लगा कि कहीं रुक गए होंगे। घर न आने पर कई बार फोन किया। घंटी जाती रही, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
सुबह आंख खुलते ही दोबारा भाई को फोन किया। इसके बाद ग्रामीणों के साथ भाई की तलाश शुरू की। गांव से करीब एक किलोमीटर दूर परासिन गांव के पास एक खेत में ट्यूबवेल की मड़ैया में जय-जयराम का शव पड़ा मिला। उन्होंने एक पैर पर ही पैंट पहनी हुई थी। मोबाइल फोन पास पड़ा था, जबकि चप्पलें करीब दस मीटर दूर थीं।
मौके के हालात को देखकर परिजन घटना को संदिग्ध मान रहे हैं। हालांकि, किसी से दुश्मनी होने की बात से उन्होंने इन्कार किया। करंट लगने का अंदेशा जाहिर किया और यह भी कहा कि पूरी रात बिजली नहीं आई थी तो करंट कैसे लगा। सीओ तिलहर विदुष सक्सेना ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बीमार मां की सेवा करने हरियाणा से आए थे जय-जयराम
जय-जयराम का शव देखकर पत्नी सरोजनी बिलख पड़ीं। उन्होंने बताया कि पति पूरे परिवार के साथ हरियाणा में रहकर मजदूरी करते थे। सास बिटोली बीमार चल रहीं थीं। इसलिए पति अपनी मां की सेवा करने के लिए 17 अगस्त को परिवार समेत गांव चले आए थे। परिजनों ने बताया कि जय-जयराम की मौत की खबर सुनकर बाहर रह रहे उनके बड़े भाई मोरपाल और छोटे भाई प्रेमपाल रोहतक से चल दिए हैं। बेटे अनिकेत, अनमोल और बेटी वैष्णवी की जिम्मेदारी अब सरोजनी के कंधों पर आ गई है।
जय-जयराम का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन