जिला प्रशासन और नगर पालिका के द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे अतिक्रमण रोधी अभियान का मंगलवार को बहादुरगंज में खासा विरोध हो गया। व्यापारी नेता नगर पालिका परिषद की दुकानों का अतिक्रमण पहले हटाने की शर्त रखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट से भिड़ गए। इस पर नगर पालिका की दुकानों के सामने से पटरियां पहले तोड़ी गईं। बाद में अन्य व्यापारियों की दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया गया।
मंगलवार को साढ़े तीन बजे के करीब बहादुरगंज क्षेत्र में जेसीबी ने बाटा और रेड चीफ के शोरूम के सामने से नाले-नालियों पर बनी पटरियों को तोड़ना शुरू कर दिया। एक घंटे तक आसानी से अतिक्रमण हटाया जाता रहा। करीब साढ़े चार बजे तिकुनिया के पास से अतिक्रमण हटाया जा रहा था।
इसी दौरान उद्योग व्यापार मंडल कंछल गुट की बहादुरगंज इकाई के अध्यक्ष कंचन गुप्ता के साथ तमाम व्यापारियों ने विरोध करते हुए पहले नगर पालिका के जेई एसके कनौजिया को घेर लिया। व्यापारियों का कहना था कि वहां पर स्थित नगर पालिका की दुकानों का अतिक्रमण पहले हटाया जाए, उसके बाद ही अन्य दुकानदारों की दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया जाएगा।
व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन देखकर जेसीबी को कुछ देर के लिए रोकना पड़ गया। इसके बाद पहले पालिका की दुकानों के सामने नाले पर बनीं पटरियां तोड़ी गईं, उसके बाद में तिकुनियां तक जेसीबी ने दुकानों के सामने के अतिक्रमण ढहा दिए। इसके कुछ देर बाद आक्रोशित व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट कमलेश द्विवेदी का घेराव करते हुए कहा कि पालिका की दुकानें तो व्यापारियों की दुकानों से आगे बनीं हुईं हैं। इनके कागजात मंगवाने की बात कही। इसके बाद प्रशासन ने किसी की नहीं मानी और सारा अतिक्रमण ढहा दिया। इस दौरान सीओ सिटी राजेश्वर सिंह, सदर थाना प्रभारी जेपी तिवारी, ड्राफ्टमैन कुलभूषण वर्मा, विजय वर्मा, जसपाल सक्सेना आदि मौजूद रहे।
व्यापारियाें का विरोध
भी न आया काम
नाले-नालियों पर कब्जा हटाने के विरोध में व्यापारियों ने वहां पर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस पर कुछ देर जेसीबी भी खड़ी रही, लेकिन बाद में प्रशासन ने व्यापारियों की एक न सुनते हुए अतिक्रमण को हटा दिया। इससे व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन भी उनके अतिक्रमण को नहीं बचा सका।
पालिका द्वारा किए गए
अतिक्रमण पर होगी बात
उद्योग व्यापार प्रतिनिध मंडल कंछल गुट की बहादुरगंज ईकाई के अध्यक्ष कंचन गुप्ता ने बताया कि तत्कालीन चेयरमैन सरोज गुप्ता के कार्यकाल में करीब एक दर्जन दुकानें नगर पालिका की ओर से बनवाई गईं थी। आरोप लगाया कि पालिका की दुकानों के सामने भी अतिक्रमण किया गया है। साथ ही कहा इस बारे में बात करने के लिए व्यापारियों को नगर पालिका परिषद में बुलाया गया है, जिससे कि उस बारे में बात की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पालिका के दस्तावेजों के अनुसार यहां पर अतिक्रमण किया गया तो इसे हटवाने की मांग की जाएगी। ऐसा न होने पर इसके विरोध में आंदोलन चलाया जाएगा।